कोरोना के बढ़ते संक्रमण को रोकने के लिए जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग ने मिलकर माइक्रोप्लान बनाया है। जिले को पांच जोन में बांट दिया गया है। इन जोनों में स्थायी स्वाब कलेक्शन सेंटर बनाया जाएगा। साथ ही हॉटस्पॉट वाले इलाकों में संक्रमितों के संपर्कियों के स्वाब सैंपल लेने के लिए लैब तकनीशियन के साथ मोबाइल वैन जाएगी। इसके साथ ही आशा और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की ओर से घर-घर जाकर बीमार लोगों का सर्वे किया जाएगा।
Prayagraj Corona News: संक्रमण को रोकने के लिए प्रयागराज जिला पांच जोन में बंटा
कोरोना के नोडल इंचार्ज डॉ. ऋषि सहाय ने बताया कि बढ़ते संक्रमण की चेन को ब्रेक करने के लिए हॉटस्पॉट वाले और गैर हॉटस्पॉट वाले इलाकों में अलग कर जिले को पांच जोन में बांट दिया गया है।
सभी पांचों जोनों में स्थायी स्वाब कलेक्शन सेंटर के साथ वहां मेडिकल टीम तैनात की जाएगी। इसके साथ ही एक हजार आशा और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की पांच सौ टीमें बनाई गईं हैं। ये टीमें इलाकों में घर-घर जाकर सर्वे करेंगी और निर्धारित प्रोफार्मा पर बीमार लोगों का विवरण लेंगी। पांच टीमों की मॉनीटरिंग के लिए एक सुपरवाइजर और उनसे ऊपर जोनल अधिकारी होंगे।
डॉ. ऋषि सहाय ने बताया कि आईसीएमआर की गाइडलाइन के मुताबिक अब अगर बुखार का भी मरीज है और उसे खांसी, जुकाम की शिकायत नहीं है तो भी उसका नमूना लिया जाएगा। आशा और आंगनबाड़ी कार्यकर्ता विवरण की पूरी रिपोर्ट अपने-अपने प्रभारियों के माध्यम से सीएमओ मुख्यालय भेजेंगी।
सीएमओ दफ्तर में तैनात विशेषज्ञों की टीम बीमार लोगों के विवरण का एनालिसिस करेगी और जरूरत के मुताबिक उनका स्वाब सैंपल कलेक्शन कराएगी। इसके अलावा टेलीकाउंटर भी बनेगा। जहां से बुखार या कोरोना के संदिग्ध लोगों की फोन कर लगातार मॉनिटरिंग की जाएगी। जरूरत पड़ने पर उन्हें मेडिकल सलाह या फिर जरूरी सुविधाएं मुहैया कराई जाएगी।
हॉट स्पॉट वाले इलाकों में जाएगी मोबाइल वैन
हॉट स्पॉट वाले इलाकों में कोरोना पॉजिटिव के संपर्कियों को अब स्वाब सैंपल देने के लिए कहीं नहीं जाना होगा। संपर्कियों के नमूने के लिए लैब तकनीशियन के साथ मोबाइल वैन जाया करेगी। वह संपर्कियों के नमूने लेगी। संपर्कियों को शर्तों के साथ होम क्वारंटीन किया जाएगा। अगर उनमें लक्षण नजर नजर आते हैं तो कालिंदीपुरम में क्वारंटीन किया जाएगा।