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पीएम ने सफाई कर्मियों को दिल से याद किया, आयोजकों ने भुलाया

Sun, 01 Mar 2020 01:36 AM IST
विनोद सिंह अनूप ओझा, अमर उजाला, प्रयागराज
अनूप ओझा, अमर उजाला, प्रयागराज Published by: विनोद सिंह Updated Sun, 01 Mar 2020 01:36 AM IST
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PM remembers cleaning workers heartily
Pm modi Kumbh

संगम पर वर्ष भर पहले जिन पांच सफाई कर्मियों के पांव पखारकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विश्व पटल पर मानवता का संदेश दिया था, शनिवार को सामाजिक सहकारिता शिविर में उनको पूछा तक नहीं गया। इससे वे निराश ही नहीं, बेहद आहत भी हुए हैं। हालांकि पीएम के जेहन में वे अब भी बने हुए हैं, लेकिन आयोजकों की उपेक्षा को लेकर देर शाम उनकी नाराजगी सामने आ गई। उन्हें इस बात का मलाल है कि मंच स्थल से महज सौ मीटर की दूरी पर वह स्वच्छता की अपनी ड्यूटी निभाते रहे, लेकिन पीएम के याद करने के बाद भी उनके करीब जाने का मौका तक नहीं दिया गया।



हालांकि प्रशासन भले ही उन सफाई कर्मियों को भूल गया हो, लेकिन पीएम मोदी के जेहनोदिल में वे अब भी बने हुए हैं। इसका सबसे बड़ा प्रमाण यह था कि पीएम ने अपने भाषण की शुरुआत ही कुंभ की उन्हीं स्मृतियों को साझा करते हुए किया, जब उन्होंने उसी परेड मैदान में सफाई दूतों के पांव पखारे थे। पीएम ने प्रयागराज की अध्यात्मिक महिमा का भी बखान करते हुए कहा कि इस धरा पर आकर उन्हें हमेशा ही एक अलग पवित्रता और ऊर्जा का एहसास होता है।

PM remembers cleaning workers heartily
prayagraj news - फोटो : prayagraj
उन्होंने बताया कि पिछले साल फरवरी में जब वे कुंभ के दौरान इस पवित्र धरती पर आए थे, तब संगम में स्नान करने के साथ ही उन्हें एक और सौभाग्य मिला था। वो सौभाग्य उन सफाई कर्मियों के पांव पखारने का था, जो ऐतिहासिक कुंभ की पवित्रता बढ़ा रहे थे। जिनके परिश्रम और पुरुषार्थ के कारण पूरे विश्व में प्रयागराज के इस कुंभ की स्वच्छता की चर्चा हुई।

पीएम ने कहा कि उन सफाईकर्मियों की वजह से ही पूरी दुनिया में प्रयागराज की एक नई पहचान बनी। कुंभ में उनकी वजह से एक नई परंपरा सामने आई थी। कुंभ से विश्व में स्वच्छता का संदेश देने के संकल्प को पूरा करने वाले उन सफाई कर्मचारियों के चरण धोने और स्वच्छता की महान सिद्धि को पाने वालों को नमन करने का अवसर मिला था। पीएम की इस बात को सुनने वाले उन पांच सफाई कर्मियों में से चार उस वक्त सामाजिक अधिकारिता शिविर के गेट नंबर दो के पास खड़े थे। सफाई कर्मचारी नरेश चमके के साथ प्यारेलाल, चौबी देवी और ज्योति महतो वहीं मौजूद थीं। नरेश चमके ने अमर उजाला को बताया कि पीएम की बातें सुनकर उनकी आंखों में आंसू आ गए।

वर्ष भर बाद भी उन्हें कोई सुविधा नहीं मिल सकी। अभी तक वह परेड में ही टेंट में रहकर मेला क्षेत्र और संगम की सफाई कर रहे हैं, लेकिन उनको सरकारी आवास तक नहीं मिल सका है। फिर भी उनको इसकी कोई परवाह नहीं है। नरेश का कहना है कि वह अपनी टीम के सदस्यों के साथ तीन दिन से लगातार शिविर स्थल की सफाई में जुटा है। शुक्रवार की रात दो बजे तक आयोजन स्थल की सफाई में वह लगा रहा, लेकिन आयोजकों ने उनको पीएम के पास जाने तक नहीं दिया। 
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