कुंभ मेले की भव्यता देखने के लिए लोग देश ही नहीं विदेशों से भी भारी संख्या में प्रयागराज आ रहे हैं। ऐसे में यहां धर्म कर्म की खूब बात हो रही है। ऐसे में कुंभ मेेले में राम मंदिर खूब चर्चा चल रही है। ऐसे में हम आपको ऐसे बाबा के बारें में बताने जा रहे हैं जो राम मंदिर के लिए रविवार को चक्रवाती परिक्रमा किए।
परिक्रमा के बाद इन्होंने संगम पर स्नान कर पूजा अर्चना किया। इसके बाद इन्होंने राम मंदिर बनवाने के लिए गंगा से आशीर्वाद मांगा। वापस अपने नीरा सत्संग शिविर पहुंचकर 33 हजार दीप प्रज्वलित किया। इस बाबा का नाम शिव योगी मौनी बाबा है। इन्होंने राम मंदिर बनवाने के लिए 28 साल पहले संकल्प लिया था। ऐसे में रविवार को इन्होंने सेक्टर 15 से संगम नोज तक चक्रवाती परिक्रमा किया।
राम मन्दिर के लिए ये 191 बार चक्रवर्ती परिक्रमा कर चुके हैं। चक्रवर्ती परिक्रमा में एक बार में ही लेटकर परिक्रमा स्थल पर पहुंचना होता है। जानकारी के लिए बता दें कि बाबा परमहंस सेवा आश्रम अमेठी से आए है। इन्होंने अपने शिविर में ही 33 हजार रुद्राक्ष से 5 फीट ऊंची शिवलिंग का निर्माण किया है। बाबा खुद 11000 रुद्राक्ष की माला पहने हुए हैं।
बाबा देश और विदेश दोनों जगह चक्रवर्ती परिक्रमा कर चुके हैं, नेपाल परिक्रमा के दौरान उन्हें नेपाल राजा की तरफ से रुद्राक्ष उपहार स्वरुप मिला। कई अन्य जगह से मिले रुद्राक्ष को धारण करने एवं जिस जगह दीपदान करतें वहॉ रुद्राक्ष से शिवलिंग का निर्माण करने के कारण इन्हें रुद्राक्ष बाबा के नाम से जाना जाता हैं।14 वर्षों तक मौन रहनें के कारण यें मौनी बाबा के प्रसिद्ध हुए, 43 वर्षों से बाबा जी ने अन्न, नमक, मीठा नहीं ग्रहण किये हैं। केवल सब्जी और फल ग्रहण करते हैं।
राम मन्दिर न बनने से मौनी बाबा भाजपा सरकार से नाराज तो हैं ही साथ में मेला प्रशासन से भी नाराजगी जाहिर की है ,क्योंकि उन्हें राम मन्दिर निर्माण के लिए दीपदान करने की जगह नहीं दी गई हैं। बाबा ने कहा कि जगह न मिलने पर मैं घाट पर ही दीप प्रज्जवलित करता क्योंकि मेरे जीवन का लक्ष्य राम मन्दिर का निर्माण कराना है।