विदेशी मेहमानों पर भारतीय संस्कृति के रंग खूब चटख हुए। उन्होंने संस्कृति को तो गले लगाया ही, परंपराओं को भी आत्मसात किया। संगम पर डुबकी लगाने के लिए कई विदेशी अतिथि भारतीय वेशभूषा में पहुंचे। कुछ महिलाएं बनारसी साड़ी, सलवार-कुर्ती और दुपट्टा में थीं, तो पुरुष कुर्ता-धोती और कुर्ता-पायजामा पहन कर संगम स्नान के लिए पहुंचे थे। उनके माथे पर तिलक-त्रिपुंड की शोभा तो देखते बन रही थी।यहां विदेशी मेहमानों ने कुंभ के अनुभवों को खुलकर साझा किया। संगम पर विदेशी अतिथियों के भारतीय पहनावा और आध्यात्मिक लगाव ने हर किसी का ध्यान खींचा।
क्रोएशिया से आए गोरान पेजकोविक गुलाबी रंग के कुर्ता और धोती में जब संगम पहुंचे तो उन्हें फूलमाला से लाद दिया गया। वह कुंभ में सांस्कृतिक विविधता के दर्शन की खुशी छिपा नहीं पा रहे थे। डेनमार्क की कैथोविड विच बनारसी साड़ी में धूप से बचने के लिए छतरी के बीच आईं। उनका कहना था कि ऐसा अद्वितीय दृश्य उन्होंने पहले कभी नहीं देखा था। चीन से पहली बार प्रयागराज पहुंचे जॉकी काले रंग के कुर्ता-पायजामा में संगम पर डुबकी लगाने आए।
इसी तरह कोस्टारिका की योगा प्रशिक्षिका माऊ रीमियो भी भारतीय परिधान सलवार-सूट में थीं। विदेशी अतिथियों ने पुरोहितों से माथे पर तिलक लगवाए। तरह-तरह के तिलक-त्रिपुंड उनके मस्तक पर सजे तो संगम का माहौल बदल सा गया। विदेशी अतिथियों ने कुंभ की छटा का जमकर बखान किया।
कुंभ भ्रमण के लिए आए विदेशी प्रतिनिधियों के लिए शुक्रवार का दिन यादगार रहा। कुंभ क्षेत्र हर स्थल देख वे आश्चर्यचकित थे। मेहमानों ने इसे कभी न भूलने वाला पल बताया। प्रतिनिधिमंडल में शामिल शिक्षाविदों को शोध का विषय मिला तो हांगकांग के फिल्म कलाकार ने भी कुंभ आयोजन में उम्मीदें तलाशीं। इटली के युनिवर्सिटी आफ सैनमरीनो में अर्थशास्त्री की प्रोफेसर कैरेन वैंटरीन पूर्व में भी भारत आ चुकी हैं। वह इंडियन इंस्टीटयूट साइंस में बतौर विजिटिंग प्रोफेसर आई थीं। उन्होंने बताया कि कुंभ में आकर बहुत कुछ जानने को मिला। इससे अध्ययन में मदद मिलेगी।
हांगकांग से आए कलाकार जैकी आमिर खान के फैन हैं तथा सोनू सूद के मित्र। उन्होंने बताया कि वह 15 से अधिक फिल्मों में काम चुके हैं। जैकी ने कुंभ भ्रमण को अद्भुत और हमेशा याद रहने वाला पल बताया। इजराइल के एलदाद सेला का कहना था कि पहली बार भारत के प्रधानमंत्री ने वहां का दौरा किया और कुंभ के लिए आमंत्रित किया। हम भारत के प्रधानमंत्री के प्रति आभार प्रकट करते हैं। प्रतिनिधिमंडल में शामिल फिलिस्तीन के अनवर जयोसी ने कहा कि भारत गांधी का देश है और गांधी हमारे दिल में बसते हैं। चेन्नई से ही स्नातक की पढ़ाई करने वाले अनवर ने भारत से मदद की भी अपील की। डेनमार्क की शैरलो तो पूरी तरह से भारतीय रंग में डूब चुकी थीं। उन्होंने कुंभ भ्रमण के लिए खास साड़ी खरीदी थी।