चीन सहित विश्व के सात देशों में कोरोना वायरस संक्रमण को देखकर यहां डॉक्टरों की टोलियां भी घबरा गई हैं। स्वास्थ्य विभाग की ओर से शुक्रवार को कोरोना से मरीजों और खुद के बचाव के लिए डॉक्टरों के लिए प्रशिक्षण कार्यशाला आयोजित की गई।
कोरोना वायरस से डॉक्टर भी दहशत में, दिया गया प्रशिक्षण
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राष्ट्रीय शहरी स्वास्थ्य मिशन के अंतर्गत संचालित 23 नगरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों के चिकित्सा अधिकारियों एवं फार्मासिस्ट के साथ अन्य अस्पताल कर्मियों को प्रशिक्षण सीएमओ सभागार में दिया गया। अब प्रशिक्षित लोग आशा, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को प्रशिक्षित करेंगे। सीएमओ मेजर डॉ. जीएस बाजपेयी ने निर्देश दिए हैं कि बाहर से आए हुए यात्रियों की ट्रेैकिंग सख्त तरीके से करें और सभी सूचनाओं का संकलन कर परीक्षण कराएं।
इस मौके पर डब्ल्यूएचओ के डॉ. आलोक, यूनिसेफ के प्रतिनिधियों में मोहम्मद शाहिद, डिस्ट्रिक्ट मोबलाइजेशन कोऑर्डिनेटर, मंडलीय मोबलाइजेशन कोऑर्डिनेटर अरविंद शर्मा ने प्रशिक्षण दिया। शहरी जिला स्वास्थ्य समन्वयक शिब्ल रजा ने बताया कि कोरोना वाइरस से बचाव के लिए साफ़ सफाई एवं जागरूकता जरूरी है।
कोरोना से बचाव के उपाय
क्या करें
हाथों को बार-बार साबुन एवं साफ पानी से अच्छी तरह धोएं ।
खांसते या छींकते समय अपने मुंह पर रुमाल या टिश्यू पेपर रखें। इस्तेमाल किये टिश्यू को कूड़ेदान में ही फेंकें।
अगर खांसी, बुखार के लक्षण हों या सांस लेने में तकलीफ हो तो तुरंत निकटतम स्वास्थ्य केंद्र जाएं।
खांसी, बुखार या सांस लेने में तकलीफ होने पर और लक्षण समाप्त होने तक घर पर ही आराम
करें। अन्य लोगों से कम से कम एक मीटर की दूरी बनाए रखें।
क्या न करें
सार्वजानिक एवं खुले स्थानों पर न थूकें।
बेवजह अपनी आंखें, नाक या मुंह न छुएं। छूने के बाद हाथों को हमेशा साबुन और पानी से
अच्छी तरह धोएं।
खांसी, बुखार या सांस लेने में तकलीफ होने पर, लक्षण समाप्त होने तक न सार्वजनिक स्थानों पर
जाएं और न ही लोगों से संपर्क करें।