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कुंभ 2019: शाही स्नान से पहले फिर अखाड़े में शामिल हो सकते हैं ‘कंप्यूटर बाबा'

Sat, 29 Dec 2018 03:56 AM IST
देव कश्यप अनिल सिद्धार्थ, अमर उजाला, प्रयागराज
अनिल सिद्धार्थ, अमर उजाला, प्रयागराज Published by: देव कश्यप Updated Sat, 29 Dec 2018 03:56 AM IST
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computer baba can join Digambar Ani Akhada Before shahi snan
computer baba

संगम की रेती पर सजने वाले कुंभ पर्व में शाही स्नान के लिए जहां अखाड़ों में शामिल संत, श्रीमहंत, महामंडलेश्वर आतुर हैं, वहीं दिगंबर अनी अखाड़े से ‘बहिष्कृत’ काली पीठाधीश्वर नामदेव दास त्यागी उर्फ कंप्यूटर बाबा भी शाही स्नान के लिए ‘शाही’ तैयारियों में जुटे हैं।

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कंप्यूटर बाबा

आनन-फानन में अखाड़े से बाहर किए गए कंप्यूटर बाबा के बदले तेवर और नया अखाड़ा बनाने की घोषणा के बाद स्थितियां बदल गईं हैं। फिलहाल, दिगंबर अनी अखाड़ा और कंप्यूटर बाबा दोनों एक दूसरे के संपर्क में हैं। अगर सबकुछ अनुकूल रहा तो वह फिर अपने अखाड़े के साथ शाही स्नान में शामिल हो सकते हैं।

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कंप्यूटर बाबा - फोटो : SELF

शाही तरीके से संगम की रेती पर आने की तैयारी के तहत मध्यप्रदेश में बदले राजनीतिक परिवेश के बाद अब वह न सिर्फ संतों, श्रद्धालुओं बल्कि मध्य प्रदेश के कई मंत्रियों और विधायकों के साथ आएंगे। इतना ही नहीं उनका आना भी शाही रहेगा। कई दर्जन गाड़ियों के काफिले संग वह नौ जनवरी को मध्यप्रदेश के इंदौर से चलकर दस जनवरी को प्रयागराज पहुंचेंगे। हालांकि, सरकार में जिम्मेदारी मिली तो बहुत संभव है कि वह हेलीकॉप्टर से सीधे दस जनवरी को कुंभनगरी पहुंचें। रेती पर तकरीबन एक सप्ताह रुककर वह मकर संक्रांति स्नानपर्व पर सैकड़ों संतों और मध्यप्रदेश के विधायकों, मंत्रियों के साथ डुबकी लगाने के बाद सोलह जनवरी को वापस हो जाएंगे।

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Computer Baba

‘अमर उजाला’ से बातचीत में उन्होंने कहा कि हर किसी सनातनधर्मावलंबी की इच्छा कुंभ पर्व पर संगम में डुबकी लगाने की होती है, मेरी भी है। स्थितियां जो भी बनें मकर संक्रांति पर स्नान का संकल्प पूरा होगा। संगम की रेती पर ‘धर्मसभा’ के बाद सनातन धर्म के प्रचार-प्रसार की रणनीति भी तय की जाएगी। गो, गंगा, नर्मदा सहित संतों के हित की बात करना मेरे जीवन का लक्ष्य है। बता दें इससे पहले उन्होंने बीस से तीस दिसंबर के बीच आने के साथ ही अलग अखाड़ा बनाने सहित नाम, ध्वज और देवता चयनित करने के अतिरिक्त अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद बनाने की घोषणा भी की थी।

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