वाराणसी में नागरिकता संशोधन कानून के समर्थन में आयोजित सभा से लौट रहे प्रतापगढ़ जिले के भाजपा कार्यकर्ताओं पर प्रयागराज के लालगोपालगंज में अंधियारी टोल नाका पर टोल कर्मियों ने हमला बोल दिया। कार्यकर्ताओं की दौड़ा-दौड़ाकर पिटाई करने के साथ ही उनकी बस में तोड़फोड़ की गई, जिससे एक दर्जन कार्यकर्ता जख्मी हो गए। इनमें विहिप के एक कार्यकर्ता की हालत गंभीर है। टोलकर्मियों पर फायरिंग करने का भी आरोप है। पुलिस ने टोल मैनेजर के साथ ही 16 लोगों को गिरफ्तार कर लिया। उनके पास से तीन बंदूकें भी बरामद की गईं।
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- फोटो : प्रयागराज
नागरिकता संशोधन कानून के पक्ष में शनिवार को वाराणसी में सीएम योगी आदित्यनाथ की सभा थी। रैली में शामिल होने के लिए जिले से बड़ी संख्या में लोग वाराणसी गए थे। रैली समाप्त होने के बाद सभी लौट रहे थे। प्रतापगढ़ के जेठवारा, बिहार व कुंडा इलाके के लोग दो बसों से लालगोपालगंज के रास्ते घर लौट रहे थे। रात करीब 11.30 बजे प्रयागराज के लालगोपालगंज में अंधियारी टोल नाका के पास आगे वाली बस निकल गई।
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दूसरी बस को टोलकर्मियों ने रोक लिया। टोल टैक्स के लेनदेन व आगे निकली बस को बुलाने की टोलकर्मी जिद करने लगे, जिस पर विवाद बढ़ गया। इस दौरान टोलकर्मियों ने भाजपा कार्यकर्ताओं पर हमला बोल दिया और बसों में तोड़फोड़ की। घटना की सूचना मिलते ही भाजपा जिलाध्यक्ष समेत तमाम नेता भागकर मौके पर पहुंचे। हमले में प्रतापगढ़ स्थित बिहार निवासी संजय कुमार की हालत नाजुक बताई जा रही है। संजय विश्व हिंदू परिषद से जुडे़ हुए हैं। पुलिस ने उन्हें शहर के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया है। हमले में उनका सिर फट गया है। बस सवार दर्जन भर अन्य कार्यकर्ताओं को भी चोट पहुंची है।
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टोल प्लाजा पर ताला, बगैर टोल दिए निकले सैकड़ों वाहन
लालगोपालगंज। शनिवार आधी रात टोल प्लाजा पर हुई घटना के बाद वहां सन्नाटा पसरा रहा। प्लाजा के केबिन और दफ्तर में ताले लटकते रहे। बगैर टोल दिए वाहनों की बेधड़क आवाजाही बनी रही। जबकि प्लाजा की सुरक्षा में पुलिस के जवान तैनात किए गए हैं। लोगों की भीड़ से गुलजार रहने वाला प्लाजा रविवार को संगीनों के साए में रहा।
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गौरतलब है कि अंधियारी स्थित टोल प्लाजा को चालू हुए अभी माह भर का वक्त ही गुजरा है। प्लाजा कर्मियों पर शुरुआती दिनों से ही मारपीट और गुंडागर्दी का आरोप लग रहा था। लोगों ने बताया कि प्लाजा पर कुछ आपराधिक किस्म के युवकों का हमेशा जमावड़ा लगा रहता था। जो मुसाफिरों से बदसलूकी और मारपीट करते थे।