आगरा से बुलंदशहर जाते समय सपा सांसद रामजीलाल सुमन के काफिले पर सोमना मोड़ पर हमले की घटना के वक्त रविवार को बड़ा हादसा हो सकता था। विरोध करने वालों ने सांसद के काफिले पर 2-4 नहीं, बल्कि कुल 19 टायर फेंके थे। जिनमें से कई टायर उछलकर हाईवे की दूसरी साइड पहुंच गए। जिससे कई गाड़ियां अनियंत्रित भी हुई। चूंकि, रफ्तार कम थी लिहाजा चालकों ने कंट्रोल कर लिया। ये तथ्य पुलिस जांच में सामने आ रहे हैं।
वहीं सोमवार को एसएसपी व एसपी सिटी ने भी घटनास्थल का जायजा लिया और लोगों से बातचीत की। सपा सांसद रामजीलाल सुमन पर उस समय हमला हुआ, जब वे आगरा से बुलंदशहर के गांव सुनहेरा में एक घटना के पीड़ित अनुसूचित जाति के परिवार से मिलने जा जा रहे थे।
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हाईवे पर सासंद रामजी लाल सुमन की गाड़ी पर टायर फेंकते लोग
- फोटो : अमर उजाला
पुलिस जांच में सामने आया है कि 19 टायर फेंके गए थे
इसी दौरान राणा सांगा विवाद में उनका विरोध करते आ रहे करणी सेना-क्षत्रिय महासभा कार्यकर्ताओं ने गभाना टोल से पहले सोमना मोड़ पर उनके काफिले की गाड़ियों पर टायर फेंके। सोमवार को पुलिस जांच में सामने आया है कि 19 टायर फेंके गए थे। इस बीच कई टायर उनकी व काफिले की गाड़ियों को लगे, जिसमें अलीगढ़ के सपा जिलाध्यक्ष सहित काफिले में शामिल कई अन्य गाड़ियां भी क्षतिग्रस्त हुईं। वहीं कुछ टायर सड़क के उस पार तीन गाड़ियों से टकराए।
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गांव बहरदोई में सुमन के पैतृक आवास पर तैनात पुलिस कर्मी। संवाद
- फोटो : samvad
सुमन के पैतृक आवास पर तैनात रही पुलिस
अलीगढ़ में रविवार को सपा सांसद रामजीलाल सुमन के काफिले पर हुए हमले के बाद यहां भी पुलिस-प्रशासन एक बार फिर सतर्क हो गया है। सोमवार को पैतृक गांव बहरदोई में सुमन के आवास पर सुरक्षा व्यवस्था के मद्देनजर पुलिस कर्मी तैनात रहे। पुलिस की गाड़ियां भी सुमन के आवास के चक्कर काटती रहीं। हालांकि सबकुछ ठीक रहा।
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अखिलेश, रामजी लाल सुमन
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
सब्जी लेकर आए दुकान कर्मी ने समेटे टायर
जिस दुकान से टायर फेंके गए। इस दुकान पर पिपलौठ गांव का बिजेंद्र काम करता है, जबकि दुकान बगल में ही संचालित होने वाले ढाबा संचालक की है। बिजेंद्र ने पुलिस अधिकारियों को बताया कि घटना से करीब 15-20 मिनट पहले करणी सेना के 10-15 लोग वहां आसपास घूमते देखे जरूर थे। मगर उसे किसी तरह का अंदेशा न था। तभी उसके मालिक यानि ढाबा संचालक ने उसे गभाना के बाजार से ढाबे के लिए सब्जी लेने भेज दिया। जिस समय ये घटना हुई। वह गभाना बाजार में था। वापस आने पर उसे पूरी जानकारी हुई। हां, उसकी दुकान के बाहर कुल 19 टायर रखे थे। जो हमले में प्रयोग हुए। जिन्हें वापस आकर बिजेंद्र ने ही खुद समेट लिया।
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टोल प्लाजा पर सपा सांसद रामजीलाल सुमन को रोकते एसपी देहात बुलंदशहर
- फोटो : संवाद
हाथरस से चलते ही मिल गया था करणी सेना को अपडेट
सपा सांसद के विरोध व हमले की करणी सेना की योजना फुलप्रूफ थी। हाथरस से चलते ही उनके विषय में पल-पल का अपडेट मिल रहा था। इसलिए दो जगह खेरेश्वर व सोमना मोड़ पर टीमों को लगाया गया था। हालांकि प्लान तो काले झंडे दिखाने का ही था, लेकिन जब उस समय तक काले झंडे नहीं मिल पाए तो एकाएक वहां पड़े दिख गए टायर ही उठाकर फेंकना शुरू कर दिया। उन्हें गभाना आते ही सूचना मिल गई थी कि वे सोमना मोड़ की ओर बढ़ रहे हैं, इसलिए तत्काल टायरों पर ध्यान गया।