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Mahakumbh Stampede: तट पर लेटे लोगों को रौंदते चले गए लोग, मची थी चीख पुकार; चश्मदीद की जुबानी... पूरी कहानी

Thu, 30 Jan 2025 02:41 PM IST
शाहरुख खान अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़
अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़ Published by: शाहरुख खान Updated Thu, 30 Jan 2025 02:41 PM IST
सार

अलीगढ़ के एक युवक ने महाकुंभ में मची भगदड़ का आंखों देखा हाल बताया। उसने बताया कि भीड़ संगम तट लेटे श्रद्धालुओं को लोग रौंदते हुए चले गए। तट पर चीख-पुकार मची थी। सबसे पहले स्नान की चाहत में गंगा के किनारे पर जाकर भीड़ जम गई थी।

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Mahakumbh Stampede People Started Trampling Devotees Lying On  Shore Eyewitness Shared Details
Mahakumbh Stampede - फोटो : अमर उजाला
भारी भीड़ थी। सभी लोग तट की तरफ चले जा रहे थे। किनारे पर सो रहे लोगों के ऊपर से जब भीड़ गुजरी तो चीख-पुकार मच गई। इस हल्ले के बीच भी तमाम लोग गिर गए। भीड़ के बीच जो गिर गया वह फिर उठ ही नहीं पाया। इसमें कई लोगों की मौत हो गई। सैंकड़ों बुजुर्ग और महिलाएं घायल हुई हैं। महाकुंभ से अलीगढ़ लौटे लोगों ने बताया कि व्यवस्थाएं सब मुकम्मल थीं लेकिन भीड़ का दबाव होने से यह हादसा हो गया।



 
Mahakumbh Stampede People Started Trampling Devotees Lying On  Shore Eyewitness Shared Details
चश्मदीद हर्षित वार्ष्णेय और अन्य - फोटो : अमर उजाला
अलीगढ़ के हर्षित वार्ष्णेय ने इस हादसे को बड़े करीब से देखा। बोले, जो देखा उसे जिंदगी भर भुलाया नहीं जा सकता। हर्षित ने बताया कि वह अलीगढ़ से अपने चार दोस्तों के साथ मंगलवार की सुबह प्रयागराज पहुंचे थे। हम सभी लोग रात को करीब 9 बजे संगम के तट पर थे। धीरे-धीरे भीड़ बढ़ रही थी। कुछ ही देर में भीड़ का दबाव इतना बढ़ गया कि वहां पर खड़े रहने के लिए भी मुश्किल होने लगी थी। हमने एक नाव वाले को 1100 रुपये दिए और नाव में रात बिताने के लिए मना लिया। 


 
Mahakumbh Stampede People Started Trampling Devotees Lying On  Shore Eyewitness Shared Details
मौनी अमावस्या स्नान पर्व पर संगम तट पर हुई भगदड़ के बाद मौके पर बिखरा सामान - फोटो : शिव त्रिपाठी
नाव में अन्य लोग भी पहले से सवार थे। जैसे-जैसे वक्त गुजरता गया तट पर भीड़ का दबाव और भी बढ़ गया। तट पर लोग शुभ मुहूर्त के इंतजार में वहीं पर सो गए थे। इस बीच मेला प्रशासन की ओर से घोषणा हो रही थी कि तट पर जो लोग सोए हैं वह वहां से हट जाएं। तड़के में शाही स्नान के लिए अखाड़ों की सवारी आने वाली थी। इस बीच रात के करीब 1.30 बजे अचानक चीख पुकार मची। देखा कि भीड़ का एक रेला चला आ रहा है। 

 
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मौनी अमावस्या स्नान पर्व पर संगम तट पर हुई भगदड़ के बाद मौके पर बिखरा सामान - फोटो : शिव त्रिपाठी
तट पर सोए हुए लोगों पर भीड़ चढ़ रही है। सोए हुए लोगों को संभलने का मौका ही नहीं मिला। कुछ देर तक यही स्थिति रही। हम लोग नाव से यह मंजर देख रहे थे और कुछ नहीं कर सकते थे। सुबह हादसे की खबर सुनकर परिवार वालों के फोन आने शुरू हो गए। फोन पर जब सभी की कुशलता की जानकारी हुई तो परिजनों की जान में जान आई। 

 
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मौनी अमावस्या स्नान पर्व पर संगम तट पर हुई भगदड़ के बाद मौके पर बिखरा सामान - फोटो : शिव त्रिपाठी
बुधवार की देर शाम को सभी लोग अलीगढ़ के लिए रवाना हो रहे हैं। मामू भांजा के जीतू गुप्ता, पुनीत कुमार, अतरौली के पीयूष अग्रवाल, कनवरी गंज के पारस गुप्ता ने बताया कि भीड़ बहुत ज्यादा थी। बढ़ती जा रही भीड़ को रोकना भी तो संभव नहीं था। हमारी आंखों के सामने ही कई लोग भीड़ के बीच में फंस गए थे।

 
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