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UP: जूस वाले के पैनकार्ड पर बनी फर्म... पंजाब चुनाव के लिए भेजी थी रकम, अब मिला इतने करोड़ का नोटिस; सब हैरान
Thu, 27 Mar 2025 01:47 PM IST
शाहरुख खान
अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़
अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़
Published by: शाहरुख खान
Updated Thu, 27 Mar 2025 01:47 PM IST
सार
Fake Firm Scam In Aligarh: अलीगढ़ में जूस बेचने वाले को इनकम टैक्स का 7.79 करोड़ का नोटिस मिला है। जूस वाले के पैनकार्ड पर बनी फर्म से 2022 में विधान सभा चुनाव के दौरान जिला फतेहगढ़ साहिब में सवा करोड़ रुपये पकड़े गए थे। जुलाई से दिसंबर 2020 तक फर्म के नाम पर 7.79 करोड़ रुपये का कारोबार किया गया।
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Aligarh Juice Seller
- फोटो : अमर उजाला
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Aligarh Scam News: अलीगढ़ में ठेला लगाकर जूस बेचने वाले रईस को मिले 7.79 करोड़ रुपये के आयकर नोटिस के मामले में चौकाने वाला खुलासा हुआ है। 2022 में पंजाब में विधान सभा चुनाव के दौरान जिला फतेहगढ़ साहिब में सवा करोड़ रुपये पकड़े गए थे। आयकर विभाग ने जांच की तो अलीगढ़ में रईस के पैनकार्ड पर बनी बोगस फर्म खान ट्रेडर्स के नाम से यह नकदी भेजी गई थी। माना जा रहा है कि इसका इस्तेमाल पंजाब चुनाव में किया जाना था।
नोटिस दिखाता जूस वाला
- फोटो : अमर उजाला
आयकर विभाग के मुताबिक पंजाब के जिला फतेहगढ़ साहिब में चुनाव के दौरान एक गाड़ी से सवा करोड़ का कैश बरामद हुआ था। इसकी सूचना वहां की पुलिस ने पंजाब आयकर विभाग शाखा को दी। विभाग ने जांच की तो पाया कि यह कैश एक ऐसी कंपनी का था जो जांच में बोगस पाई गई। इस बोगस कंपनी में ही रईस का पैन कार्ड लगा हुआ पाया गया।
आयकर विभाग ने कंपनी का जब अन्य लेनदेन संबंधी विवरण खंगाला गया तो रकम बढ़ती गई। पंजाब आयकर विभाग ने इस मामले को अपने विभागीय पोर्टल पर फ्लैग (पोर्टल पर जांच का एक हिस्सा विवरण के साथ अपलोड करना) कर दिया। इस विवरण का अलीगढ़ आयकर विभाग की संबंधित शाखा ने संज्ञान ले लिया। पैन कार्ड में दर्ज पते के आधार पर रईस को नोटिस जारी कर दिया।
आयकर विभाग ने कंपनी का जब अन्य लेनदेन संबंधी विवरण खंगाला गया तो रकम बढ़ती गई। पंजाब आयकर विभाग ने इस मामले को अपने विभागीय पोर्टल पर फ्लैग (पोर्टल पर जांच का एक हिस्सा विवरण के साथ अपलोड करना) कर दिया। इस विवरण का अलीगढ़ आयकर विभाग की संबंधित शाखा ने संज्ञान ले लिया। पैन कार्ड में दर्ज पते के आधार पर रईस को नोटिस जारी कर दिया।
जूस बेचने वाले को इनकम टैक्स का नोटिस
- फोटो : अमर उजाला
इस तरह घटा पूरा घटनाक्रम
- 17 जनवरी 2022 में पंजाब में विधानसभा चुनाव चल रहा था। इस दौरान पुलिस ने एक गाड़ी को रोका। उसमें से 1.12 करोड़ रुपये कैश मिला। इसमें मंडी गोबिंदगढ़ के दीपक शर्मा का नाम सामने आया। (आयकर के नोटिस में दर्ज है नाम )
-18 जनवरी 2022 को वहां के आयकर विभाग ने कैश की जांच शुरू की तो वह एक बोगस कंपनी से जुड़ा पाया। इस कंपनी में रईस का पैन कार्ड लगा हुआ था। इस कंपनी से 7.54 करोड़ रुपये की बिक्री किसी गुरुप्रीत सिंह को होनी दिखाई गई थी। साथ ही 2.99 लाख रुपये की बिक्री भी गुरुप्रीत सिंह को थी।
- 19 जनवरी 2022 को रईस के पैन कार्ड नंबर की राज्य एवं वस्तु सेवा कर के पोर्टल पर और विभाग के माध्यम से जांच कराई गई। इसमें पाया गया कि जुलाई 2020 में खान ट्रेडर्स के नाम से अलीगढ़ में जीएसटी फर्म का भी पंजीकरण है। इस फर्म का पता तार वाली गली, सराय रहमान, बन्ना देवी, अलीगढ़ है। छह महीने में आठ करोड़ का लेनदेन करने के बाद दिसंबर 2020 में फर्म बंद कर दी गई।
-22 मार्च 2025 - आयकर विभाग ने अपनी पूरी छानबीन करने के बाद रईस के पैनकार्ड के पते के आधार पर उसे 7.89 करोड़ रुपये का नोटिस भेज दिया।
- 17 जनवरी 2022 में पंजाब में विधानसभा चुनाव चल रहा था। इस दौरान पुलिस ने एक गाड़ी को रोका। उसमें से 1.12 करोड़ रुपये कैश मिला। इसमें मंडी गोबिंदगढ़ के दीपक शर्मा का नाम सामने आया। (आयकर के नोटिस में दर्ज है नाम )
-18 जनवरी 2022 को वहां के आयकर विभाग ने कैश की जांच शुरू की तो वह एक बोगस कंपनी से जुड़ा पाया। इस कंपनी में रईस का पैन कार्ड लगा हुआ था। इस कंपनी से 7.54 करोड़ रुपये की बिक्री किसी गुरुप्रीत सिंह को होनी दिखाई गई थी। साथ ही 2.99 लाख रुपये की बिक्री भी गुरुप्रीत सिंह को थी।
- 19 जनवरी 2022 को रईस के पैन कार्ड नंबर की राज्य एवं वस्तु सेवा कर के पोर्टल पर और विभाग के माध्यम से जांच कराई गई। इसमें पाया गया कि जुलाई 2020 में खान ट्रेडर्स के नाम से अलीगढ़ में जीएसटी फर्म का भी पंजीकरण है। इस फर्म का पता तार वाली गली, सराय रहमान, बन्ना देवी, अलीगढ़ है। छह महीने में आठ करोड़ का लेनदेन करने के बाद दिसंबर 2020 में फर्म बंद कर दी गई।
-22 मार्च 2025 - आयकर विभाग ने अपनी पूरी छानबीन करने के बाद रईस के पैनकार्ड के पते के आधार पर उसे 7.89 करोड़ रुपये का नोटिस भेज दिया।
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जूस बेचने वाले को इनकम टैक्स का नोटिस
- फोटो : अमर उजाला
पुलिस और आयकर अलग-अलग काम करेंगे
7.79 करोड़ रुपये के नोटिस के मामले में आयकर निरीक्षक नेम सिंह कहते हैं कि इस मामले में दो अलग-अलग दिशाओं में कार्रवाई चलेगी। आयकर विभाग अपने नियमों के अनुसार पेनाल्टी वसूली की प्रक्रिया पूरी करेगा। जबकि अगर दस्तावेजों का दुरुपयोग हुआ है तो कानून उसमें अपना काम करेगा। आयकर विभाग के समक्ष रईस पर प्रथम अपील, दूसरी अपील और मुख्य आयकर अधिकारी आगरा के समक्ष तृतीय अपील कर सकेगा। अगर मुकदमा दर्ज होने के बाद जांच उसके पक्ष में जाती है तो विभाग की ओर से भी कुछ राहत मिल सकती है।
7.79 करोड़ रुपये के नोटिस के मामले में आयकर निरीक्षक नेम सिंह कहते हैं कि इस मामले में दो अलग-अलग दिशाओं में कार्रवाई चलेगी। आयकर विभाग अपने नियमों के अनुसार पेनाल्टी वसूली की प्रक्रिया पूरी करेगा। जबकि अगर दस्तावेजों का दुरुपयोग हुआ है तो कानून उसमें अपना काम करेगा। आयकर विभाग के समक्ष रईस पर प्रथम अपील, दूसरी अपील और मुख्य आयकर अधिकारी आगरा के समक्ष तृतीय अपील कर सकेगा। अगर मुकदमा दर्ज होने के बाद जांच उसके पक्ष में जाती है तो विभाग की ओर से भी कुछ राहत मिल सकती है।
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जूस वाले का परिवार
- फोटो : अमर उजाला
तीन साल में 90 बोगस कंपनियां सामने आईं
पिछले तीन वर्षों में बोगस कंपनियों के 90 से ज्यादा मामले सामने आए हैं। जिनमें विभागीय जांच और प्रक्रिया चल रही है।
जीएसटी अधिकारी बोले
जब किसी व्यापारी का जीएसटी में पंजीयन होता है तो पैनकार्ड व अन्य दस्तावेज के साथ उसका मोबाइल नंबर भी लगता है। हर लेनदेन का मेसेज फर्म स्वामी पर जाता है। इस मामले में गहराई से जांच की जा रही है। हर पहलू से जांच होगी। - एस एस तिवारी, एडिशनल कमिश्नर, राज्य एवं वस्तु सेवा कर विभाग
पिछले तीन वर्षों में बोगस कंपनियों के 90 से ज्यादा मामले सामने आए हैं। जिनमें विभागीय जांच और प्रक्रिया चल रही है।
जीएसटी अधिकारी बोले
जब किसी व्यापारी का जीएसटी में पंजीयन होता है तो पैनकार्ड व अन्य दस्तावेज के साथ उसका मोबाइल नंबर भी लगता है। हर लेनदेन का मेसेज फर्म स्वामी पर जाता है। इस मामले में गहराई से जांच की जा रही है। हर पहलू से जांच होगी। - एस एस तिवारी, एडिशनल कमिश्नर, राज्य एवं वस्तु सेवा कर विभाग