आगरा के बाह की बेटियां खेल के आसमान में उड़ान भर रही हैं। धावक अंबिका वर्मा, शिल्पी भदौरिया, मनीषा कुशवाह ने मैदान में अपने प्रदर्शन से धाक जमाई है। प्रदेश, राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर पदक जीतने वाली ये बेटियां अपने परिवार में पहली खिलाड़ी हैं। अंबिका के पिता जनरल स्टोर चलाते हैं, शिल्पी और मनीषा के पिता किसान हैं। दुनिया में छाने को बेताब तीनों खिलाड़ियों ने खेतों की पगडंडियों पर दौड़ते हुए ये सफर तय किया है। बाह में उनको अभ्यास के लिए स्टेडियम तक नसीब नहीं है। इन खिलाड़ियों की मेहनत और खेल के प्रति जुनून क्षेत्र में सुविधाओं की कमी को इनके प्रदर्शन में झलकने नहीं देता। वहीं कराटे खिलाड़ी सुप्रिया जाटव ने अमेरिका में जीत का परचम लहराया है। उन्होंने यूएसए कराटे चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक जीता है।
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विश्व एथलेटिक्स दिवस: आगरा के बाह की बेटियों ने खेल के मैदान में जमाई धाक, मुश्किलों को हराकर जीते पदक
Sat, 07 May 2022 01:22 PM IST
मुकेश कुमार
संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
Published by: मुकेश कुमार
Updated Sat, 07 May 2022 01:22 PM IST
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एथलीट सुप्रिया, शिल्पी और मनीषा कुशवाह
- फोटो : अमर उजाला
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एथलीट अंबिका वर्मा
- फोटो : अमर उजाला
नेशनल में स्वर्ण पदक जीत चुकीं 12 साल की धाविका
अंबिका वर्मा : नौ पदक
जरार निवासी राजपाल वर्मा और सीता वर्मा की 12 साल की बेटी अंबिका वर्मा बाह के गुरुकुल पब्लिक स्कूल में 6वीं की पढ़ाई कर रही है। ग्वालियर, जयपुर, दिल्ली, भिंड में राज्यस्तरीय प्रतियोगिता में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा चुकी हैं। अंबिका वर्मा ने कोरोना काल से पहले नेशनल स्टूडेंट गेम्स देहरादून में 3000 मीटर की दौड़ में स्वर्ण पदक जीता। इससे उनको रूस में होने वाले इंटरनेशनल स्टूडेंट गेम्स का टिकट हासिल हुआ। मथुरा में नेशनल स्पोर्ट्स मीट में अंबिका ने तीन हजार मीटर दौड़ का स्वर्ण पदक जीतकर थाईलैंड में होने वाली स्पोर्ट्स मीट के लिए क्वालीफाई किया था। आपने तीन राष्ट्रीय और 6 राज्य स्तरीय मेडल हासिल किए हैं।
अंबिका वर्मा : नौ पदक
जरार निवासी राजपाल वर्मा और सीता वर्मा की 12 साल की बेटी अंबिका वर्मा बाह के गुरुकुल पब्लिक स्कूल में 6वीं की पढ़ाई कर रही है। ग्वालियर, जयपुर, दिल्ली, भिंड में राज्यस्तरीय प्रतियोगिता में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा चुकी हैं। अंबिका वर्मा ने कोरोना काल से पहले नेशनल स्टूडेंट गेम्स देहरादून में 3000 मीटर की दौड़ में स्वर्ण पदक जीता। इससे उनको रूस में होने वाले इंटरनेशनल स्टूडेंट गेम्स का टिकट हासिल हुआ। मथुरा में नेशनल स्पोर्ट्स मीट में अंबिका ने तीन हजार मीटर दौड़ का स्वर्ण पदक जीतकर थाईलैंड में होने वाली स्पोर्ट्स मीट के लिए क्वालीफाई किया था। आपने तीन राष्ट्रीय और 6 राज्य स्तरीय मेडल हासिल किए हैं।
शिल्पी भदौरिया
- फोटो : अमर उजाला
तीन राष्ट्रीय और सात राज्य स्तरीय पदक जीते
शिल्पी भदौरिया : 10 मेडल
रामपुर चंद्रसैनी निवासी किसान विजय सिंह भदौरिया और उर्मिला देवी की बेटी शिल्पी भदौरिया ने राजस्थान सीनियर एथलेटिक्स चैंपियनशिप में 200 मीटर दौड़ में रजत पदक जीता। इस प्रदर्शन से वह सीनियर नेशनल इंटर स्टेट एथलेटिक्स चैंपियनशिप में चयनित हुईं लेकिन कोरोना काल में यह चैंपियनशिप रद्द हो गई। इस समय शिल्पी 21 मई को केरल में होने वाली इंडियन ग्रांट पिक्स के लिए पटियाला में अभ्यास कर रही हैं। उन्होंने बताया कि फिलहाल उद्देश्य जून और साल के आखिर में होने वाली राष्ट्रीय एथलेटिक्स चैंपियनशिप पर टिकी है। तीन राष्ट्रीय और सात राज्य स्तरीय मेडल जीते हैं।
शिल्पी भदौरिया : 10 मेडल
रामपुर चंद्रसैनी निवासी किसान विजय सिंह भदौरिया और उर्मिला देवी की बेटी शिल्पी भदौरिया ने राजस्थान सीनियर एथलेटिक्स चैंपियनशिप में 200 मीटर दौड़ में रजत पदक जीता। इस प्रदर्शन से वह सीनियर नेशनल इंटर स्टेट एथलेटिक्स चैंपियनशिप में चयनित हुईं लेकिन कोरोना काल में यह चैंपियनशिप रद्द हो गई। इस समय शिल्पी 21 मई को केरल में होने वाली इंडियन ग्रांट पिक्स के लिए पटियाला में अभ्यास कर रही हैं। उन्होंने बताया कि फिलहाल उद्देश्य जून और साल के आखिर में होने वाली राष्ट्रीय एथलेटिक्स चैंपियनशिप पर टिकी है। तीन राष्ट्रीय और सात राज्य स्तरीय मेडल जीते हैं।
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एथलीट मनीषा कुशवाह
- फोटो : अमर उजाला
किसान की बेटी भर रही फर्राटा, एशियन गेम्स में जीता कांस्य
मनीषा कुशवाह : 9 पदक
गोपालपुरा गांव के किसान मुरारी लाल व कमलेश की बेटी मनीषा कुशवाह ने पिछले साल जनवरी में खेलो इंडिया यूथ गेम्स पुणे में 400 मीटर दौड़ में कांस्य पदक जीता। इसके बाद आंध्र प्रदेश के गुंटूर में जूनियर नेशनल एथलेटिक्स में रजत पदक हासिल किया। फेडरेशन कप तमिलनाडु में भी रजत पदक जीतकर भारतीय टीम में जगह बनाई। नेपाल के काठमांडू में साउथ एशियन गेम्स में 400 मीटर रिले दौड़ में कांस्य पदक जीतकर आगरा का गौरव बढ़ाया था। एक अंतरराष्ट्रीय और आठ पदक राष्ट्रीय स्तर पर हासिल किए हैं।
मनीषा कुशवाह : 9 पदक
गोपालपुरा गांव के किसान मुरारी लाल व कमलेश की बेटी मनीषा कुशवाह ने पिछले साल जनवरी में खेलो इंडिया यूथ गेम्स पुणे में 400 मीटर दौड़ में कांस्य पदक जीता। इसके बाद आंध्र प्रदेश के गुंटूर में जूनियर नेशनल एथलेटिक्स में रजत पदक हासिल किया। फेडरेशन कप तमिलनाडु में भी रजत पदक जीतकर भारतीय टीम में जगह बनाई। नेपाल के काठमांडू में साउथ एशियन गेम्स में 400 मीटर रिले दौड़ में कांस्य पदक जीतकर आगरा का गौरव बढ़ाया था। एक अंतरराष्ट्रीय और आठ पदक राष्ट्रीय स्तर पर हासिल किए हैं।
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कराटे खिलाड़ी सुप्रिया जाटव
- फोटो : अमर उजाला
यूएसए कराटे चैंपियनशिप में जीता कांस्य और स्वर्ण पदक
सुप्रिया जाटव : 22 पदक
पुरा चुन्नीलाल गांव के अमर सिंह और मीना देवी की बेटी सुप्रिया जाटव ने कराटे में अपना सफर गुजरात के अहमदाबाद से शुरू किया था। हाल ही में संपन्न हुई यूएसए कराटे चैंपियनशिप में उन्होंने सीनियर एलीट 61 किलोग्राम भार वर्ग की व्यक्तिगत कुमीते फाइट में जापान की खिलाड़ी को शिकस्त देकर कांस्य पदक जीता, जबकि मिक्स इवेंट में स्वर्ण पदक पर कब्जा किया। नेपाल में बेस्ट कराटेबाज का खिताब हासिल किया। लगातार 14 साल से नेशनल कराटे चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक जीतती आ रही हैं। 12 अंतरराष्ट्रीय और 22 पदक राष्ट्रीय स्तर पर हासिल किए हैं।
सुप्रिया जाटव : 22 पदक
पुरा चुन्नीलाल गांव के अमर सिंह और मीना देवी की बेटी सुप्रिया जाटव ने कराटे में अपना सफर गुजरात के अहमदाबाद से शुरू किया था। हाल ही में संपन्न हुई यूएसए कराटे चैंपियनशिप में उन्होंने सीनियर एलीट 61 किलोग्राम भार वर्ग की व्यक्तिगत कुमीते फाइट में जापान की खिलाड़ी को शिकस्त देकर कांस्य पदक जीता, जबकि मिक्स इवेंट में स्वर्ण पदक पर कब्जा किया। नेपाल में बेस्ट कराटेबाज का खिताब हासिल किया। लगातार 14 साल से नेशनल कराटे चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक जीतती आ रही हैं। 12 अंतरराष्ट्रीय और 22 पदक राष्ट्रीय स्तर पर हासिल किए हैं।