अपने जीवन से अंधकार को दूर करने के लिए वृंदावन वास कर रहीं विधवा माताओं ने बुधवार को यमुना के ऐतिहासिक केशीघाट पर दिवाली मनाई। यहां फूलों की रंगोली बनाई फिर दीप जलाए।
2 of 5
केशीघाट पर माताएं
- फोटो : अमर उजाला
दीपों के पर्व दिवाली से पूर्व बुधवार को वृंदावन में रह रहीं विधवा महिलाओं ने उत्साहपूर्वक दिवाली मनाई। सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए वृंदावन के विभिन्न आश्रय घरों में रहने वाली करीब तीन चार दर्जन विधवाओं ने यमुना किनारे रंगीन दीपों के साथ जुलूस निकाला।
3 of 5
दिवाली कार्यक्रम में भाग लेतीं महिलाएं
- फोटो : अमर उजाला
सुलभ होप फाउंडेशन द्वारा आयोजित यह आठवें वर्ष का कार्यक्रम रहा। कोविड को दृष्टिगत रखते हुए इस बार विधवाओं ने प्रतीकात्मक रूप से रोशनी के उत्सव में भाग लिया।
4 of 5
दिवाली कार्यक्रम में शामिल हुईं महिलाएं
- फोटो : अमर उजाला
फाउंडेशन की उपाध्यक्ष विनीता वर्मा ने बताया कि हजारों की संख्या में विधवाएं ज्यादातर पश्चिम बंगाल से वृंदावन में दशकों से रहती आ रही हैं। पूर्व में इन्हें धार्मिक अनुष्ठान और त्योहारों में भाग लेने की अनुमति नहीं थी।
5 of 5
केशीघाट पर दिवाली के दीप जलातीं माताएं
- फोटो : अमर उजाला
सामाजिक संगठन सुलभ इंटरनेशनल ने इन्हें इस दायरे से बाहर लाने का काम किया है। सुलभ आंदोलन के संस्थापक डॉ. बिंदेश्वर पाठक विधवाओं के लिए रोशनी के त्योहार को आयोजित करने के लिए इस अनूठे विचार के साथ आए हैं।