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Diwali 2020: ब्रज में एक दिन मनाई जाएगी इस बार छोटी और बड़ी दिवाली, जानें लक्ष्मी पूजन का शुभ मुहूर्त
Thu, 12 Nov 2020 07:34 AM IST
Abhishek Saxena
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मथुरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मथुरा
Published by: Abhishek Saxena
Updated Thu, 12 Nov 2020 07:34 AM IST
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दिवाली 2020: दिवाली।
- फोटो : amar ujala
पंचांग में घटती-बढ़ती तिथियों के कारण इस साल छोटी और बड़ी दिवाली एक दिन ही मनाई जाएगी। धनतेरस 12 नवंबर को रात 9:30 से प्रारंभ होकर 13 नवंबर अर्ध रात्रि तक रहेगा। उसके बाद 14 नवंबर सूर्योदय से नरक चतुर्थी तिथि दोपहर 2:18 तक रहेगी, जिसे छोटी दिवाली के रूप में मनाया जाता है। इसी दिन अमावस्या तिथि दोपहर 2:18 से 15 नवंबर की सुबह 10:36 बजे तक रहेगी। अर्थात अमावस्या 14 से शुरू होकर 15 तक रहेगी। ऐसे में 13 नवंबर को धनतेरस तथा दीपावली 14 को मनाई जाएगी। 15 नवंबर को गोवर्धन पूजा होगी और अंतिम दिन 16 को भाई दूज के सात चित्रगुप्त जयंती मनाई जाएगी। इस साल दीपावली महापर्व 5 दिन के बजाय 4 दिन का रहेगा।
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दिवाली 2020: दीपावली
- फोटो : Social media
पूजन के मुहूर्त...
ऑफिस पूजन का समय कुंभ स्थिर लग्न 12:57 से 2:26 तक चल एवं लाभ की चौघड़िया में सर्वश्रेष्ठ रहेगा। घर में लक्ष्मी पूजन एवं दीप पूजन का मुहूर्त गोधूलि बेला सायं 5:45 से वृषभ स्थिर लग्न एवं लाभ की चौघड़िया 7:46 तक लक्ष्मी पूजन का सर्वश्रेष्ठ मुहूर्त है। सायं 7:45 से 10:03 तक मिथुन द्विस्वभव लग्न एवं उद्वेग शुभ की चौघड़िया का मुहूर्त भी शुभ है। लक्ष्मी पूजन का निश्चित काल सिंह लग्न पूजा का मुहूर्त रात में 12:22 से 2:10 का है। यह व्यापार, उद्योग स्थानों में पूजन का सर्वश्रेष्ठ मुहूर्त माना जाता है।
ऑफिस पूजन का समय कुंभ स्थिर लग्न 12:57 से 2:26 तक चल एवं लाभ की चौघड़िया में सर्वश्रेष्ठ रहेगा। घर में लक्ष्मी पूजन एवं दीप पूजन का मुहूर्त गोधूलि बेला सायं 5:45 से वृषभ स्थिर लग्न एवं लाभ की चौघड़िया 7:46 तक लक्ष्मी पूजन का सर्वश्रेष्ठ मुहूर्त है। सायं 7:45 से 10:03 तक मिथुन द्विस्वभव लग्न एवं उद्वेग शुभ की चौघड़िया का मुहूर्त भी शुभ है। लक्ष्मी पूजन का निश्चित काल सिंह लग्न पूजा का मुहूर्त रात में 12:22 से 2:10 का है। यह व्यापार, उद्योग स्थानों में पूजन का सर्वश्रेष्ठ मुहूर्त माना जाता है।
दिवाली 2020: दीपोत्सव के लिए लक्ष्मी-गणेश की प्रतिमाएं
- फोटो : अमर उजाला
पूजन सामग्री...
माता लक्ष्मी को सर्वप्रिय कमल का पुष्प है। कमल गट्टा है। सफेद चमेली के पुष्प आदि अर्पित करना विशेष शुभ होता है। लक्ष्मी पूजन में रोली, चावल, पुष्प, लॉन्ग, इलायची, बतासा, धान की खील, पंचामृत, फल, मिठाई का भोग एवं तांबूल पत्र आदि अर्पित किए जाते हैं। माता लक्ष्मी के स्रोत का पाठ करना, मंत्र का जाप करना, लक्ष्मी हवन करना उनकी प्रसन्नता के लिए भी श्रेष्ठ है। दिवाली के दिन कुबेर भंडारी की पूजा भी होती है। कुबेर की पोटली बनती है, जिसमें साबुत धनिया, साबुत मूंग, कमलगट्टा, सुपारी, हल्दी की गांठ और लक्ष्मी के सिक्के रखकर लक्ष्मी मंत्र से अभिमंत्रित करके स्थापित किया जाता है। तिजोरी में रखने से घर में धन-धान्य की वृद्धि होती है। लक्ष्मी पूजन में शुद्धि, पवित्रता, स्वच्छता आदि का विशेष ध्यान रखा जाता है और माता लक्ष्मी के 8 नामों अथवा 108 नामों या 1008 नामों से अर्चन करना भी विशेष सुभप्रद होता है।
माता लक्ष्मी को सर्वप्रिय कमल का पुष्प है। कमल गट्टा है। सफेद चमेली के पुष्प आदि अर्पित करना विशेष शुभ होता है। लक्ष्मी पूजन में रोली, चावल, पुष्प, लॉन्ग, इलायची, बतासा, धान की खील, पंचामृत, फल, मिठाई का भोग एवं तांबूल पत्र आदि अर्पित किए जाते हैं। माता लक्ष्मी के स्रोत का पाठ करना, मंत्र का जाप करना, लक्ष्मी हवन करना उनकी प्रसन्नता के लिए भी श्रेष्ठ है। दिवाली के दिन कुबेर भंडारी की पूजा भी होती है। कुबेर की पोटली बनती है, जिसमें साबुत धनिया, साबुत मूंग, कमलगट्टा, सुपारी, हल्दी की गांठ और लक्ष्मी के सिक्के रखकर लक्ष्मी मंत्र से अभिमंत्रित करके स्थापित किया जाता है। तिजोरी में रखने से घर में धन-धान्य की वृद्धि होती है। लक्ष्मी पूजन में शुद्धि, पवित्रता, स्वच्छता आदि का विशेष ध्यान रखा जाता है और माता लक्ष्मी के 8 नामों अथवा 108 नामों या 1008 नामों से अर्चन करना भी विशेष सुभप्रद होता है।
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दिवाली 2020: दीपोत्सव की तैयारियों के लिए दीप खरीदते लोग
- फोटो : अमर उजाला
इस बार 14 नवंबर (शनिवार) को कई मंगलकारी संयोग बन रहे हैं। इस अवसर पर स्वाति नक्षत्र, सौभाग्य योग और तुला राशि का चन्द्रमा रहेगा। इन मंगलकारी संयोग में महालक्ष्मी पूजन समृद्धि प्रदान करेगा। गुरु की शुभत लाभप्रद है। दीवाली में शनि का स्वराशिस्थ होना भारत को विश्व में एक मजबूत देश के रूप में स्थापित करेगा व आर्थिक उन्नति होगी। शुक्र व्यवसाय व फिल्म तथा फाइनेंस का कारक ग्रह है। यह दिवाली भारतीय फिल्म जगत के लिए बहुत ही शुभ होगी। गुरु का धनु में होना भी एक चमत्कार होगा। - ज्योतिषाचार्य आलोक गुप्ता
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ज्योतिषाचार्य
- फोटो : अमर उजाला
इस वर्ष दिवाली शनिवार को होने के कारण व्यापारिक उद्योग जगत के लिए विशेष लाभप्रद होगी। चतुर्दशी के साथ अमावस्या होने पर यह देश के राजनीतिक क्षेत्र में सुदृढ़ता एवं श्रेष्ठ नेतृत्व में सफलता प्रदान करेगी। दिवाली के दिन सर्वार्थ सिद्धि योग का निर्माण विशेष करके शुभ माना जाता है। यह सभी वर्गों के लिए लाभ प्रदान करने वाला है। - आचार्य रामविलास चतुर्वेदी
मां लक्ष्मी धन की देवी हैं लेकिन आपने देखा होगा कि हमेशा मां लक्ष्मी के साथ भगवान गणेश की पूजा की जाती है। शास्त्रों के अनुसार गणेश जी को लक्ष्मी जी का मानस-पुत्र माना गया है। दिवाली के शुभ अवसर पर ही इस दोनों का पूजन किया जाता है। दिवाली की रात को लक्ष्मी जी के साथ निम्न गणेश मंत्र का जाप सर्व सिद्धि प्रदायक माना गया है। - ज्योतिषाचार्य महेश भारद्वाज
मां लक्ष्मी धन की देवी हैं लेकिन आपने देखा होगा कि हमेशा मां लक्ष्मी के साथ भगवान गणेश की पूजा की जाती है। शास्त्रों के अनुसार गणेश जी को लक्ष्मी जी का मानस-पुत्र माना गया है। दिवाली के शुभ अवसर पर ही इस दोनों का पूजन किया जाता है। दिवाली की रात को लक्ष्मी जी के साथ निम्न गणेश मंत्र का जाप सर्व सिद्धि प्रदायक माना गया है। - ज्योतिषाचार्य महेश भारद्वाज