ताजमहल सहित अन्य स्मारकों का दीदार और महंगा हो सकता है। भारतीय पर्यटकों के टिकट पर 30 रुपये और विदेशियों पर 100 रुपये पथकर बढ़ाने की तैयारी चल रही है। आगरा विकास प्राधिकरण (एडीए) ने इस संबंध में प्रस्ताव तैयार कर लिया है। स्वीकृति के लिए जल्द ही इसे शासन को भेजा जाएगा। वहां से हरी झंडी मिलने के बाद शासनादेश जारी करने की प्रक्रिया होगी। नई दरें जनवरी 2020 से लागू हो सकती हैं।
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ताजमहल पर पर्यटकों की भीड़
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एएसआई (भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण) पिछले तीन साल से लगातार ताजमहल के टिकट की दरों में बढ़ोतरी कर रहा है। वर्ष 2016 से 2018 के बीच देशी पर्यटकों के प्रवेश टिकट में 10-10 रुपये की तीन बार बढ़ोतरी की। वर्ष 2016 में एएसआई ने 10 रुपये से बढ़ाकर अपनी टिकट 20 रुपये कर दी।
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फाइल फोटो
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वर्ष 2016 में 20 रुपये से बढ़ाकर 30 रुपये और वर्ष 2018 में 30 रुपये से बढ़ाकर 40 रुपये प्रति पर्यटक अपनी टिकट कर दी। इसी प्रकार एएसआई ने विदेशी पर्यटकों की टिकट 250 रुपये बढ़ाकर पहले 500 रुपये और फिर वर्ष 2018 में 500 रुपये से बढ़ाकर 600 रुपये कर दी थी। इस बार ताजमहल सहित आगरा किला, फतेहपुर सीकरी, अकबर टूम आदि का टिकट भी महंगा होगा।
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ताजमहल
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ताजमहल के मुख्य गुंबद का एएसआई ने अलग से टिकट लगा रखा है। मुख्य गुंबद के दीदार के लिए पर्यटकों को 200 रुपये अतिरिक्त देने पड़ते हैं। इस तरह से देशी पर्यटक यदि मुख्य गुंबद का भी टिकट लेता है उसे 250 रुपये और विदेशी पर्यटक को 1300 रुपये खर्च करने पड़ते हैं।
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ताजमहल का रास्ता
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एएसआई के साथ पथकर के रूप में एडीए भी पर्यटकों पर अपना टिकट लगाता है। वर्तमान में ताजमहल का 50 रुपये प्रति पर्यटक टिकट है। इसमें 40 रुपये एएसआई और 10 रुपये पथकर के होते हैं। एडीए इस पथकर को बढ़ाकर एएसआई के बराबर यानी 40 रुपये करने की तैयारी में है। देशी पर्यटकों की टिकट में 30 रुपये प्रति पर्यटक की बढ़ोतरी हो सकती है। ऐसे में देशी पर्यटक को ताजमहल के दीदार को 80 रुपये देने पड़ेंगे।