मैनपुरी जिले की करहल विधानसभा सीट से भाजपा प्रत्याशी के रूप में आगरा के सांसद व केंद्रीय राज्यमंत्री प्रोफेसर एसपी सिंह बघेल के उतरने से मुकाबला दिलचस्प हो गया है। इस सीट से समाजवादी पार्टी के प्रत्याशी पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव हैं। बसपा के टिकट पर कुलदीप नरायन उर्फ दीपक पेंटर चुनाव लड़ रहे हैं। वहीं कांग्रेस ने अखिलेश को वाकओवर देते हुए अपने घोषित प्रत्याशी का नामांकन नहीं कराया है। सपा मुखिया अखिलेश यादव पहली बार विधानसभा चुनाव लड़ रहे हैं।
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UP Election 2022: सियासी रण में अखिलेश से दूसरी बार भिड़ेंगे एसपी सिंह, सैफई परिवार के खिलाफ चौथा चुनाव
Wed, 02 Feb 2022 12:39 AM IST
मुकेश कुमार
ज्योत्यवेंद्र दुबे, अमर उजाला मैनपुरी
ज्योत्यवेंद्र दुबे, अमर उजाला मैनपुरी
Published by: मुकेश कुमार
Updated Wed, 02 Feb 2022 12:39 AM IST
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भाजपा प्रत्याशी प्रो. एसपी सिंह बघेल और सपा प्रत्याशी अखिलेश यादव
- फोटो : अमर उजाला
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केंद्रीय राज्यमंत्री एसपी सिंह बघेल
- फोटो : अमर उजाला
अखिलेश यादव और एसपी सिंह दूसरी बार चुनाव मैदान में आमने-सामने हैं। इससे पहले 2009 के लोकसभा चुनाव में फिरोजाबाद के रास्ते दिल्ली जाने के लिए दोनों में मुकाबला हो चुका है। तब अखिलेश यादव सपा प्रत्याशी थे तो वहीं एसपी सिंह बघेल हाथी (बसपा) की सवारी कर रहे थे। जब परिणाम आए तो साइकिल की रफ्तार के आगे हाथी नहीं टिक सका।
सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव
- फोटो : अमर उजाला
अखिलेश यादव ने एसपी सिंह बघेल को 67301 वोटों से हराकर जीत दर्ज की। तब अखिलेश यादव को 287011 और एसपी सिंह बघेल को 219710 वोट मिले थे। अब एक बार फिर अखिलेश और बघेल चुनावी मैदान में आमने-सामने हैं। हालांकि इस बार सियासत का मैदान बदलकर फिरोजाबाद से करहल हो गया है तो वहीं मंजिल भी इस बार लोकसभा नहीं बल्कि लखनऊ विधानसभा है।
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अखिलेश यादव और उनकी पत्नी डिंपल यादव
- फोटो : Facebook/Dimple Yadav
डिंपल यादव की राह का रोड़ा बने एसपी सिंह
अखिलेश यादव के सामने चुनाव लड़ने के बाद ही एसपी सिंह नहीं रुके। वह हर बार राजनीति में सैफई परिवार के लिए राह का रोड़ा बनते रहे। 2009 में हुए लोकसभा चुनाव में अखिलेश यादव ने फिरोजाबाद और कन्नौज से जीत दर्ज की थी। इसके बाद उन्होंने फिरोजाबाद सीट छोड़ दी थी। उपचुनाव में उन्होंने अपनी पत्नी डिंपल यादव को मैदान में उतारा। इस चुनाव में भी उनके सामने एसपी सिंह ने बसपा के टिकट पर चुनाव लड़ा।
अखिलेश यादव के सामने चुनाव लड़ने के बाद ही एसपी सिंह नहीं रुके। वह हर बार राजनीति में सैफई परिवार के लिए राह का रोड़ा बनते रहे। 2009 में हुए लोकसभा चुनाव में अखिलेश यादव ने फिरोजाबाद और कन्नौज से जीत दर्ज की थी। इसके बाद उन्होंने फिरोजाबाद सीट छोड़ दी थी। उपचुनाव में उन्होंने अपनी पत्नी डिंपल यादव को मैदान में उतारा। इस चुनाव में भी उनके सामने एसपी सिंह ने बसपा के टिकट पर चुनाव लड़ा।
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एसपी सिंह बघेल, मुलायम सिंह यादव, अखिलेश यादव
- फोटो : अमर उजाला
एसपी सिंह बघेल को इस चुनाव में भी जीत तो नहीं मिली, लेकिन उन्होंने डिंपल यादव को भी लोकसभा जाने से रोक दिया। इसका फायदा कांग्रेस प्रत्याशी राजबब्बर को मिला और वह जीतकर लोकसभा पहुंचे। सैफई परिवार से एसपी सिंह बघेल का चुनावी युद्ध यहीं नहीं थमा। 2014 के लोकसभा चुनाव में कमल दल से एसपी सिंह बघेल ने फिरोजाबाद सीट से ही सपा के अक्षय यादव से मुकाबला किया। तब भी उन्हें 114059 वोटों से हार का मुंह देखना पड़ा।