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Sawan 2022: शिवभक्तों पर आसमान से बरसे फूल, गूंजी बम भोले की बोलियां, देखें अद्भुत आस्था की ये तस्वीरें
Mon, 25 Jul 2022 01:09 PM IST
धीरेन्द्र सिंह
अमर उजाला ब्यूरो, आगरा
अमर उजाला ब्यूरो, आगरा
Published by: धीरेन्द्र सिंह
Updated Mon, 25 Jul 2022 01:09 PM IST
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Sawan 2022
- फोटो : अमर उजाला
ताजनगरी आगरा में श्रावण मास के दूसरे सोमवार को बाबा भोलेनाथ का जलाभिषेक करने के लिए रविवार की शाम से नगर की परिक्रमा शुरू हुई। दो साल के बाद होने वाली परिक्रमा के लिए परिक्रमार्थियों में भारी उत्साह नजर आया। माथे पर तिलक, कंधे पर गमछा डाले भक्त नंगे पैर ही पथरीली डगर पर निकल पड़े। चारों दिशाएं हर हर महादेव के जयकारों से गुंजायमान हो उठीं। बल्केश्वर मंदिर, कैलाश मंदिर, राजेश्वर मंदिर और मन: कामेश्वर मंदिर पर भक्तों का हुजूम लगा रहा। परिक्रमा पूरी करने के बाद भक्त उसी मंदिर पर जलाभिषेक करके विराम देंगे।
परिक्रमा मार्ग पर भक्तों की भीड़
- फोटो : अमर उजाला
परिक्रमा के लिए ली छुट्टी
खंदारी निवासी अमित धाकरे ने बताया कि दो साल से शिवालयों की परिक्रमा नहीं हो पाई। इस बार की परिक्रमा के लिए स्पेशल छुट्टी ली है। ताकि बाबा के दरवार में पैदल चल माथा टेक सकूं। परिक्रमा के बाद मन को सुकून मिलता है। वहीं गैलाना के रहने वाले ऋषभ दिवाकर ने कहा कि भोले के भक्तों के लिए सावन का पूरा महीना त्योहार से कम नहीं होता है। कई बार से सावन को दूसरे सोमवार को लगने वाली परिक्रमा लगातार लगा रहा हूं। इस बार भी शिव के दर्शन के लिए निकले हैं।
परिक्रमा मार्ग पर भक्तों की भीड़
- फोटो : अमर उजाला
भक्ति के आगे नहीं होता दर्द का एहसास
वनखंडी मंदिर के पास रहने वाले लोकेश ने कहा कि शिव में अटूट आस्था है। शिवालायों की परिक्रमा के बाद मन को ऐसा लगता है जैसे शिव के बहुत करीब हो गए हो। इस परिक्रमा में पैरों में कंकड और कांटे भी चुभते हैं लेकिन शिव के दर्शन की चाहत में दर्द का एहसान ही नहीं होता है। मऊ निवासी साहिल कुमार ने बताया कि कई सालों से परिक्रमा करता आ रहा हूं। कोरोना में परिक्रमा प्रतिबंधित होने पर मन को बहुत कष्ट हुआ था। इस बार परिक्रमा का बेसबरी से इंतजार था। आज सो दिन आया है तो मन बहुत ही ज्यादा प्रसन्न है।
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जाम
- फोटो : अमर उजाला
हाथी घाट पर एक घंटे जाम, कई वाहन फंसे
शहर में रविवार से ही शिव मंदिर परिक्रमा को लेकर रूट डायवर्जन किया गया था। पुलिस भी लगाई गई लेकिन जाम से लोगों को मुश्किल हुई। हाथी घाट पर एक घंटे तक वाहन फंसे रहे। आसपास के अन्य इलाकों में भी लोगों को समस्या का सामना करना पड़ा। शहर में राजेश्वर महादेव मंदिर, बल्केश्वर महादेव, कैलाश और पृथ्वीनाथ मंदिर पर श्रद्धालु पहुंचते हैं। इसको देखते हुए रूट डायवर्जन किया गया था। परिक्रमा मार्ग पर किसी वाहन को नहीं निकलने दिया जा रहा था।
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भक्तों की भीड़
- फोटो : अमर उजाला