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Ramveer Upadhyay: पूर्व मंत्री रामवीर उपाध्याय की फेसबुक से की गई पोस्ट, सभी को मेरी अंतिम राम राम...

Sat, 03 Sep 2022 11:44 AM IST
धीरेन्द्र सिंह अमर उजाला ब्यूरो, आगरा
अमर उजाला ब्यूरो, आगरा Published by: धीरेन्द्र सिंह Updated Sat, 03 Sep 2022 11:44 AM IST
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Ramveer Upadhyay last rites perform in Parentral Village Bamoli Sadabad
पूर्व मंत्री रामवीर उपाध्याय की फेसबुक से की गई पोस्ट - फोटो : अमर उजाला
पूर्व ऊर्जा मंत्री रामवीर उपाध्याय का शुक्रवार की देर रात आगरा के रेनबो हॉस्पिटल में निधन हो गया। उनकी उम्र करीब 65 वर्ष थी। वह लंबे समय से कैंसर व अन्य बीमारी से जूझ रहे थे। उनके निधन की खबर मिलते ही हॉस्पिटल में उनके समर्थक पहुंचना शुरू हो गए। रात को ही उनकी फेसबुक से पोस्ट की गई, जिसमें लिखा था कि सभी को मेरी अंतिम राम राम, अलविदा साथियों। इसके बाद शास्त्रीपुरम स्थित उनके आवास पर भी लोगों की भीड़ रात में ही लग गई। 



रामवीर उपाध्याय बसपा सरकार में चार बार ऊर्जा और परिवहन जैसे महत्वपूर्ण विभागों के कैबिनेट मंत्री रहे थे। रामवीर के निधन की खबर मिलते ही पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई। इन दिनों वह आगरा में शास्त्रीपुरम स्थित अपने निवास पर उपचाररत थे। रात्रि 10 बजे के लगभग एकाएक जब उनकी तबीयत ज्यादा बिगड़ी तो आगरा के रेनबो हॉस्पिटल में ले गए, वहां उनका निधन हो गया।
 
Ramveer Upadhyay last rites perform in Parentral Village Bamoli Sadabad
रामवीर उपाध्याय - फोटो : अमर उजाला
पूर्व मंत्री रामवीर उपाध्याय के राजनीतिक करियर की बात करें तो उन्होंने वर्ष 1993 में अपना पहला चुनाव हाथरस विधानसभा क्षेत्र से निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में लड़ा था। उसके बाद उन्होंने वर्ष 1996, 2002, 2007, 2012 और 2017 के विधानसभा चुनाव बसपा के बैनर तले लड़े। जब - जब प्रदेश में बसपा की सरकार बनी, तब-तब रामवीर उपाध्याय कैबिनेट मंत्री बने। रामवीर उपाध्याय ने पहले तीन चुनाव तो हाथरस विधानसभा क्षेत्र से बसपा के उम्मीदवार के रूप में लड़े और जीत हासिल की। उन्होंने एटा जिले के जलेसर लोकसभा क्षेत्र से बसपा के टिकट पर सांसद का चुनाव लड़ा था, लेकिन इस चुनाव में वह तीसरे स्थान पर रहे थे। 
Ramveer Upadhyay last rites perform in Parentral Village Bamoli Sadabad
रामवीर उपाध्याय और सीमा उपाध्याय (फाइल फोटो) - फोटो : अमर उजाला
उसके बाद वर्ष 2012 में जब हाथरस सीट सुरक्षित हो गई तो उन्होंने यह चुनाव सिकंदराराऊ विधानसभा सीट से लड़ा। इस चुनाव में वह वहां से भी जीते। तदुपरांत 2017 का चुनाव उन्होंने बसपा से ही सादाबाद विधानसभा क्षेत्र से लड़ा और यहां से भी जीत हासिल की। लगातार 25 वर्ष के राजनीतिक करियर में विजयी रहने के बाद इस वर्ष 2022 में उन्होंने पाला बदला और भाजपा में शामिल हो गए। 
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Ramveer Upadhyay last rites perform in Parentral Village Bamoli Sadabad
बसपा नेता रामवीर उपाध्याय
बीमार रहने के बावजूद उन्होंने यह चुनाव भी लड़ा, लेकिन राष्ट्रीय लोकदल के प्रदीप चौधरी उर्फ गुड्डू ने इस चुनाव में हरा दिया। रामवीर उपाध्याय के अन्य परिजन भी महत्वपूर्ण राजनीतिक पदों पर रहे हैं। उनकी पत्नी सीमा उपाध्याय वर्तमान में जिला पंचायत अध्यक्ष हैं। इससे पूर्व सीमा उपाध्याय बसपा के टिकट पर फतेहपुर सीकरी से वर्ष 2009 में सांसद भी रह चुकी हैं। उन्होंने सिने अभिनेता राजब्ब्बर को हराया था। रामवीर के भाई मुकुल उपाध्याय इगलास से विधायक और उसके बाद एमएलसी रहे हैं। 
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Ramveer Upadhyay last rites perform in Parentral Village Bamoli Sadabad
सीमा उपाध्याय और उनके पति पूर्व मंत्री रामवीर उपाध्याय
रामवीर उपाध्याय के दूसरे भाई विनोद उपाध्याय जिला पंचायत अध्यक्ष रह चुके हैं। उनके छोटे भाई रामेश्वर उपाध्याय वर्तमान में भी मुरसान के ब्लॉक प्रमुख हैं। 
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