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मर गईं संवेदना: रोती रही अंजलि, नाजुक हालत की दुहाई भी दी, न माने पुलिसवाले; वीडियोग्राफर पति ने सुनाई आपबीती
Tue, 15 Sep 2026 03:09 PM IST
Sharukh Khan
अमर उजाला नेटवर्क, फिरोजाबाद
अमर उजाला नेटवर्क, फिरोजाबाद
Published by: Sharukh Khan
Updated Tue, 15 Sep 2026 03:09 PM IST
सार
फिरोजाबाद के शिकोहाबाद के लभौआ गांव में चोरी के शक में पुलिस द्वारा रविवार रात पति गौरव को हिरासत में लिए जाने के सदमे से उसकी गर्भवती पत्नी अंजली (28) की तबीयत बिगड़ गई। सोमवार सुबह प्रसव के बाद निजी अस्पताल में उसकी मौत हो गई।
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फिरोजाबाद कांड
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
साहब, मेरा कोई कसूर नहीं। एक साल पुरानी रंजिश में मुझे झूठा फंसाया गया है। मेरी पत्नी रोती रही। अपनी नाजुक हालत का वास्ता देती रही लेकिन पुलिस वाले नहीं माने... और आज मेरी दुनिया उजड़ गई। पत्नी अंजलि की मौत के बाद चोरी के आरोप में हिरासत में लिए गए वीडियोग्राफर गौरव ने जब आपबीती सुनाई तो सबकी आंखें नम हो गईं।
अंजली और विलाप करते परिजन
- फोटो : अमर उजाला
इसी रंजिश के चलते दुकानदार ने चोरी के मामले में उसका और अजेंद्र का नाम पुलिस को दे दिया। गौरव के मुताबिक, रविवार रात करीब 8 बजे वह दुकान बंद कर घर लौटा था। रात 11 बजे अचानक 8 से 10 पुलिसकर्मी उसके घर आ धमके। जब उसने और उसकी गर्भवती पत्नी अंजलि ने रात में ले जाने का कारण पूछा तो पुलिसकर्मियों ने कहा-दरोगा जी सड़क पर खड़े हैं, बस थोड़ी पूछताछ करनी है फिर घर वापस आ जाना।
परिजनों ने फेंकी कुर्सियां
- फोटो : अमर उजाला
अंजलि ने अपनी साढ़े आठ माह की गर्भावस्था और अपनी तबीयत की दुहाई देते हुए पुलिसकर्मियों से हाथ जोड़कर विनती की कि जो पूछताछ करनी है, घर पर ही कर लें लेकिन पुलिसकर्मी नहीं माने और उसे खींचकर बाहर ले आए। गौरव ने बताया कि जैसे ही वह सड़क पर पहुंचा, पुलिसकर्मियों ने उसके साथ अभद्रता शुरू कर दी और जबरन गाड़ी में ठूंस दिया।
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पुलिस और परिजनों में हुई बहस
- फोटो : अमर उजाला
रातभर हवालात में बंद रखा
गौरव ने बताया कि पुलिस ने मुझे रातभर हवालात में बंद रखा। जब भी वह अपना अपराध पूछता या घर जाने की गुहार लगाता, पुलिसकर्मी उसके साथ गाली-गलौज करते और विरोध करने पर मारपीट की धमकी देते। सोमवार सुबह 11 बजे जब ग्राम प्रधान और गांव के लोग चीखते-चिल्लाते थाने पहुंचे और पुलिस को बताया कि गौरव की पत्नी की सदमे से मौत हो गई है और नवजात बच्चा आईसीयू में जिंदगी की जंग लड़ रहा है तब जाकर पुलिस के हाथ-पांव फूले।
घबराए पुलिसकर्मियों ने आनन-फानन उसे और अजेंद्र को थाने से बाहर निकाल दिया। गौरव ने बताया कि पुलिस की इसी हनक और तानाशाही ने आज उसके बच्चे से उसकी मां को छीन लिया और उसका हंसता-खेलता परिवार तबाह कर दिया।
गौरव ने बताया कि पुलिस ने मुझे रातभर हवालात में बंद रखा। जब भी वह अपना अपराध पूछता या घर जाने की गुहार लगाता, पुलिसकर्मी उसके साथ गाली-गलौज करते और विरोध करने पर मारपीट की धमकी देते। सोमवार सुबह 11 बजे जब ग्राम प्रधान और गांव के लोग चीखते-चिल्लाते थाने पहुंचे और पुलिस को बताया कि गौरव की पत्नी की सदमे से मौत हो गई है और नवजात बच्चा आईसीयू में जिंदगी की जंग लड़ रहा है तब जाकर पुलिस के हाथ-पांव फूले।
घबराए पुलिसकर्मियों ने आनन-फानन उसे और अजेंद्र को थाने से बाहर निकाल दिया। गौरव ने बताया कि पुलिस की इसी हनक और तानाशाही ने आज उसके बच्चे से उसकी मां को छीन लिया और उसका हंसता-खेलता परिवार तबाह कर दिया।
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मृतक अंजली
- फोटो : अमर उजाला
नवजात से छिन गया मां का साया, गंभीर हालत में आगरा रेफर
फिरोजाबाद में एक तरफ शिकोहाबाद थाने के बाहर न्याय की मांग को लेकर पुलिस और ग्रामीणों के बीच खींचतान चली तो दूसरी तरफ मेडिकल कॉलेज की बाल रोग गहन चिकित्सा इकाई के बाहर बेबस पिता गौरव अपनी जिंदगी के सबसे बुरे दौर से गुजर रहा था। पत्नी अंजलि की मौत के बाद उसका नवजात बेटा भी जिंदगी और मौत के बीच झूल रहा है। गौरव ने बताया कि वह बेटे के साथ आगरा में है। साथ गए परिजनों का कहना है कि घर में जहां खुशियां आनी चाहिए थीं, वहां एक साथ दो-दो दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। एक तरफ घर में अंजलि का शव पहुंचा तो दूसरी तरफ मासूम बच्चा अस्पताल में जिंदगी की जंग लड़ रहा है। गांव के लोग और रिश्तेदार अब बस ईश्वर से यही प्रार्थना कर रहे हैं कि कम से कम इस बेकसूर नवजात की सांसें बच जाएं।
फिरोजाबाद में एक तरफ शिकोहाबाद थाने के बाहर न्याय की मांग को लेकर पुलिस और ग्रामीणों के बीच खींचतान चली तो दूसरी तरफ मेडिकल कॉलेज की बाल रोग गहन चिकित्सा इकाई के बाहर बेबस पिता गौरव अपनी जिंदगी के सबसे बुरे दौर से गुजर रहा था। पत्नी अंजलि की मौत के बाद उसका नवजात बेटा भी जिंदगी और मौत के बीच झूल रहा है। गौरव ने बताया कि वह बेटे के साथ आगरा में है। साथ गए परिजनों का कहना है कि घर में जहां खुशियां आनी चाहिए थीं, वहां एक साथ दो-दो दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। एक तरफ घर में अंजलि का शव पहुंचा तो दूसरी तरफ मासूम बच्चा अस्पताल में जिंदगी की जंग लड़ रहा है। गांव के लोग और रिश्तेदार अब बस ईश्वर से यही प्रार्थना कर रहे हैं कि कम से कम इस बेकसूर नवजात की सांसें बच जाएं।