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स्मृतियों में पूर्व राष्ट्रपतिः श्रीबांकेबिहारी के दर्शन के दौरान प्रणब दा भूल गए थे दक्षिणा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मथुरा
Published by: Abhishek Saxena
Updated Tue, 01 Sep 2020 12:04 AM IST
सार
श्रीबांकेबिहारी मंदिर में दर्शन के बाद वह दक्षिणा देना भूल गए थे तब राष्ट्रपति भवन से लिफाफा भेजा था। पूर्व राष्ट्रपति के अवसान की खबर फैलते ही कान्हा की नगरी के लोग भी उदास हो गए।
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बांकेबिहारी मंदिर में आए पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी (फाइल फोटो)
- फोटो : अमर उजाला
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पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी अब नहीं रहे। राष्ट्रपति रहते हुए वह एक साल के दौरान दो बार भगवान श्रीराधा-कृष्ण की लीला स्थली वृंदावन आए थे। श्रीबांकेबिहारी मंदिर में दर्शन के बाद वह दक्षिणा देना भूल गए थे तब राष्ट्रपति भवन से लिफाफा भेजा था। पूर्व राष्ट्रपति के अवसान की खबर फैलते ही कान्हा की नगरी के लोग भी उदास हो गए। वे उनके वृंदावन आगमन की यादें ताजा करने लगे। वैसे तो प्रणब दा कई बार यहां आए, लेकिन दो बार वह राष्ट्रपति रहते वृंदावन आये थे। सबसे पहले वह (बिना राष्ट्रपति पद के) श्रीजगदबंधु आश्रम का लोकार्पण करने और दूसरी बार रामकृष्ण मिशन सेवाश्रम अस्पताल के नवनिर्मित ऑपरेशन थियेटर का उद्घाटन करने आए थे।
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18 नवंबर 2015 को वृंदावन में आए पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी (फाइल फोटो)
- फोटो : अमर उजाला
राष्ट्रपति पद पर रहते वृंदावन मोह और पुष्ट हो गया। सामाजिक संस्था अक्षय पात्र में प्रस्तावित विशाल चंद्रोदय मंदिर के शिलान्यास समारोह के लिए 16 नवंबर 2014 में वे वृंदावन आए। उन्होंने बांके बिहारी मंदिर जाने की स्वयं इच्छा प्रकट की तो वे बांकेबिहारी मंदिर भी दर्शन करने गए। उसके ठीक एक साल बाद उन्हें फिर कान्हा की नगरी से आमंत्रण मिला तो वे तत्काल तैयार हो गए।
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श्री चैतन्य महाप्रभु ब्रज वृंदावन आगमन पंचशती समारोह में आए पूर्व राष्ट्रपति का फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला
श्री चैतन्य महाप्रभु के वृंदावन आगमन के 500 वर्ष पूर्ण होने पर श्री राधारमण मंदिर के सेवायत पद्मनाभ गोस्वामी ने उनको पश्चिम बंगाल व वृंदावन के पूर्व संबंधों के बारे में जानकारी दी तो दादा अभिभूत हो गए। 18 नवंबर, 2015 को श्री मुखर्जी फिर वृंदावन की पवित्र भूमि पर थे। दादा ने गोपीनाथ बाजार स्थित श्री गौर निताई मंदिर व प्राचीन राधारमण मंदिर के दर्शन किए।
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बांकेबिहारी मंदिर वृंदावन
- फोटो : अमर उजाला
बांकेबिहारी के दर्शनों के दौरान उनकी भावाभिव्यक्ति अवर्णनीय थी। जिस श्रद्धा भक्ति के साथ ठाकुर जी के दर्शन किए। वह उनके अत्यंत कृष्ण प्रेम को दर्शाता है। उन्होंने मंदिर को स्मरण पुस्तिका में अपना अनुभव भी लिखा था। - गोपी गोस्वामी, सेवायत श्रीबांकेबिहारी मंदिर वृंदावन
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प्रणब मुखर्जी
- फोटो : फाइल
पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी का 18 नवंबर को 2015 में श्री चैतन्य महाप्रभु ब्रज वृंदावन आगमन पंचशती समारोह में वृंदावन आगमन हुआ। इस अवसर पर वह श्री राधा रमन मंदिर व श्री अमिय निमाई गौरांग महाप्रभु मंदिर में दर्शन करने आए। वृंदावन के प्रति उनका बहुत श्रद्धा और भक्ति का भाव था। कई बार दिल्ली में भी मुलाकात होने पर ब्रज की चर्चा हुई। - पद्मनाभ गोस्वामी, सेवायतश्री राधारमण मंदिर वृंदावन
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