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पीएसी जवान की आत्महत्या से सदमे में परिवार, तीन पन्नों का मिला सुसाइड नोट
Sat, 21 Dec 2019 12:30 AM IST
Abhishek Saxena
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
Published by: Abhishek Saxena
Updated Sat, 21 Dec 2019 12:30 AM IST
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सिपाही योगेश शर्मा का फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला
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आगरा में 15वीं बटालियन पीएसी के सिपाही योगेश कुमार ने आखिर आत्महत्या क्यों की? यह सवाल ही बना हुआ है। योगेश के पास से तीन पन्नों का सुसाइड नोट भी मिला है, लेकिन इस पर सिपाही और उसके पिता का नाम ही लिखा मिला। सुसाइड नोट को देखने पर पता चला है कि कुछ और भी लिखने की कोशिश की गई थी, लेकिन हर बार लिखकर काट दिया गया। पुलिस का कहना है कि सिपाही किस बात से तनाव में था? यह कर्मचारियों के साथ ही परिजन भी नहीं बता सके हैं। उधर, मृतक सिपाही के छोटे भाई का कहना था कि भाई तनाव में नहीं था। अगर, वह तनाव में होता तो परिवार वालों को भी बताता था। रात में मां से बात में भी किसी तरह की परेशानी नहीं बताई थी।
पीएसी जवान की आत्महत्या के बाद मौके पर मौजूद पुलिस के जवान
- फोटो : अमर उजाला
कमांडेंट पीएसी प्रमोद कुमार ने बताया कि रात में योगेश और महेश बाबू ड्यूटी पर थे। महेश ने पूछताछ में बताया कि रात एक बजे से पहले योगेश किसी से मोबाइल पर बात कर रहा था। अचानक वह लघुशंका पर जाने की कहकर चला गया। इसके बाद सर्विस रायफल जमा नहीं करने आया, तब उसकी तलाश की गई। मगर, रात होने की वजह से गड्ढे में नहीं मिला। सुबह घटना की जानकारी हुई। अब उसने आत्महत्या क्यों की? यह अभी पता नहीं चल सका है।
पीएसी जवान का फाइल फोटो व पोस्टमार्टम हाउस पर परिजन
- फोटो : अमर उजाला
घटना की जानकारी पर आए मृतक सिपाही योगेश कुमार के भाई विक्रम ने बताया कि 15 दिन पहले योेगेश तीन दिन की छुट्टी पर घर आया था। तब उसने किसी तरह की परेशानी नहीं बताई थी। इसके बाद अक्सर फोन पर मां और उससे बात करता था। बुधवार रात को आठ बजे मां शीला से बात की थी। वह बृहस्पतिवार को गांव में होने वाले एक तेरहवीं कार्यक्रम में आने को लेकर भी बात कर रहा था। 15 मिनट की बातचीत के दौरान किसी तरह की दिक्कत नहीं बताई थी। विक्रम से भी बात की थी। योगेश आत्महत्या कर लेगा, यह किसी ने भी सोचा नहीं था।
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पोस्टमार्टम हाउस पर पीएसी जवान के परिजन
- फोटो : अमर उजाला
मूलरूप से गांव पाली, गोवर्धन निवासी योगेश कुमार तीन भाइयों में दूसरे नंबर का था। इनमें बड़ा भाई राजेश सॉफ्टवेयर इंजीनियर हैं। इस समय यूके में है। उनका परिवार दिल्ली में रहता है। वहीं येागेश का छोटा भाई विक्रम बीसीए कर रहा है। पिता किसान हैं। योगेश शुरू से ही पुलिस भर्ती की तैयारी कर रहा था। उसका चयन पीएसी में हो गया था। योगेश की मौत से परिवार में कोहराम मचा हुआ है।
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मौके पर पहुंचे एसपी सिटी व अन्य पुलिसकर्मी
- फोटो : अमर उजाला
पीएसी कर्मियों ने बताया कि योगेश काफी हंसमुख स्वभाव का था। वह हर समय हंसते हुए बात करता था। ड्यूटी पर भी अलर्ट रहता था। यही वजह थी, उसकी कोई शिकायत नहीं थी। वह सांस्कृतिक आयोजनों में प्रतिभाग करता था। इस दौरान कई प्रकार से भाग लेता था। वह महिलाओं के रॉल अधिक निभाता था। उसके स्वभाव की वजह से अन्य कर्मी खुश रहते थे। वह आत्महत्या कर लेगा, यह किसी ने सोचा भी नहीं था। उसकी मौत की जानकारी पर कई कर्मचारी पोस्टमार्टम हाउस पर पहुंच गए।