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विधान परिषद सीट चुनाव 2020: अनोखी है चुनाव की मतगणना, वरीयता मतों से होता है विजेता घोषित

Fri, 04 Dec 2020 12:03 AM IST
Abhishek Saxena न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा Published by: Abhishek Saxena Updated Fri, 04 Dec 2020 12:03 AM IST
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Mlc Election 2020: Know About Election Vote Counting
मतपत्रों की गणना का कार्य करते कर्मचारी - फोटो : अमर उजाला
विधान परिषद सीट की मतगणना अनोखी है। इसमें एकल संक्रमणीय अनुपातिक मतदान प्रक्रिया के आधार पर विजेता का फैसला होता है। एडीएम सिटी डॉ. प्रभाकांत अवस्थी ने बताया मतदाता एक मतपत्र पर प्रथम, दितीय, तृतीय व चतुर्थ कुल चार वरीयता के प्रत्याशी चुनता है। इसी आधार पर चार वरीयता में मतों की गणना होती है। 
Mlc Election 2020: Know About Election Vote Counting
मतपत्रों की गणना करते कर्मचारी - फोटो : अमर उजाला
कुल विधिमान्य मतों के सापेक्ष 50 फीसदी मतों का कोटा होता है। 50 फीसदी से एक अधिक मत प्राप्त करने वाले को विजेता घोषित किया जाता है। प्रथम वरीयता में कुल मतों का 50 फीसदी मत प्राप्त नहीं करने पर दूसरी व तीसरी वरीयता के मतों को जोड़कर 50 फीसदी तक गिना जाता है।
Mlc Election 2020: Know About Election Vote Counting
मतपत्रों की गणना का कार्य करते कर्मचारी - फोटो : अमर उजाला
50 फीसदी नहीं होने की स्थिति में हर वार वरीयता मतों की गणना में सबसे कम मत प्राप्त करने वाले प्रत्याशियों को बाहर कर दिया जाता है। अंत में बचा प्रत्याशी विजेता होता है। इस मतगणना प्रक्रिया को एकल संक्रमणीय अनुपातिक मतगणना प्रक्रिया कहा जाता है।
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Mlc Election 2020: Know About Election Vote Counting
मतगणनास्थल पर पहुंचे प्रत्याशी - फोटो : अमर उजाला
पहले छंटाई कर बनाए बंडल फिर की गई गणना
एमएलएसी चुनाव में बूथ वार मतों की पहचान नहीं हो सकती। पहले सभी बूथों के मतों की छंटाई होकर 25-25 मतपत्रों के बंडल बनाए जाते हैं। फिर 40-40 बंडल एक-एक टेबल पर खोल कर गिने जाते हैं। 14 टेबल होती हैं। 
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Mlc Election 2020: Know About Election Vote Counting
एमएलसी चुनाव परिणामः मंडी समिति मतगणना स्थल - फोटो : अमर उजाला
टेबलों की संख्या निर्वाचन आयोग से तय है। फिर वरीयता मतों की गणना चरण वार होती है। उप जिला निर्वाचन अधिकारी योगेन्द्र कुमार ने बताया कि छंटाई के दौरान एक-एक मतपत्रों को एजेंटों से सत्यापित कराने के बाद बंडल में रखा जाता है। फिर दोबारा वरीयता मतों की गणना चरण वार करनी पड़ती है। इस प्रक्रिया में सामान्य मतगणना से तीन गुना अधिक समय लगता है।
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