प्रयागराज में माफिया अतीक और अशरफ की गोली मारकर हत्या कर दी गई। तीन शूटरों को पुलिस ने गिरफ्तार किया। इनमें से एक अरुण नाम का शूटर मूल रूप से कासगंज का रहने वाला है। गांव में उसका एक कमरे का घर है। घर में एक बहन है। घर का खर्च चलाने के लिए पिता गोलगप्पे का ठेला लगाते हैं। बेटे ने माफिया को मार डाला। इसकी खबर मिलते ही परिवारवालों के पैरों तले जमीन खिसक गई। वह गांव छोड़कर कहीं चले गए।
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Atiq Ashraf Murder: डेढ़ बीघा खेत, एक कमरे का मकान, पिता की गोलगप्पे की दुकान, बेटे ने माफिया का काम किया तमाम
Mon, 17 Apr 2023 07:36 AM IST
भूपेन्द्र सिंह
संवाद न्यूज एजेंसी, कासगंज
संवाद न्यूज एजेंसी, कासगंज
Published by: भूपेन्द्र सिंह
Updated Mon, 17 Apr 2023 07:36 AM IST
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अतीक की हत्या में शामिल शूटर अरुण और गांव में बना उसका घर
- फोटो : अमर उजाला
गांव वालों को शूटर अरुण की फोटो दिखाकर जानकारी लेती पुलिस
- फोटो : अमर उजाला
वीडियो देखते ही पिता के छूटे पसीने
इसी बीच किसी ने उसे अतीक और अशरफ की हत्या की खबर बताई। खबर जानने के उद्देश्य से वह भी हत्या का वीडियो मोबाइल पर देखने लगा। अचानक वीडियो में कुछ ऐसा दिखा कि उसके माथे पर पसीना आ गया। हाथ-पांव कांपने लगे। वह मोबाइल छोड़कर सीधे घर पहुंचा। पत्नी व बेटी को तैयार होने के लिए कहा। इसके बाद वह गांव छोड़कर चला गया।गांव वाले चुप्पी साधे रहे
कुछ ही देर बाद इंस्पेक्टर डीके त्यागी पुलिस टीम के साथ गांव पहुंच गए। उन्होंने गांव वालों को अरुण मौर्य की फोटो दिखाकर उसका घर पूछा। लोगों ने अरुण का घर बताया और पुलिस के पीछे-पीछे मौके पर पहुंच गए। पुलिस ने बताया कि अतीक और अशरफ की हत्या में अरुण भी शामिल था। इतना सुनकर गांव वालों के चेहरे के भाव शून्य हो गए। वह धीरे-धीरे वहां से जाने लगे। पुलिस ने उसने कुछ जानना चाहा लेकिन वह चुप्पी साधे रहे। कोई कुछ बोलने को तैयार नहीं हुआ।
गांव में पुलिस के पहुंचने और अरुण के बारे में खुलासा होने के बाद एकत्र भीड़
- फोटो : अमर उजाला
पानीपत में रहकर मजदूरी करता था अरुण
अब तक गांव के लोगों की समझ में पूरी बात आ चुकी थी कि दीपक परिवार के साथ गांव छोड़कर क्यों चला गया ? दरअसल, पुलिस अतीक और अशरफ की हत्या के मामले में जिस अरुण मौर्य के बारे में जानना चाहती थी, वह दीपक का बेटा था। जो गांव में नहीं बल्कि पानीपत में रहकर मजदूरी करता था। इंस्पेक्टर ने कुछ गांव वालों को भरोसे में लेकर अरुण के बारे में जानकारी जुटाई।
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शूटर अरुण और गांव में बना उसका घर
- फोटो : अमर उजाला
पिता परिवार के साथ गांव से चले गए
गांव वालों ने बताया कि अरुण के पिता दीपक सुबह परिवार के साथ गांव से चले गए। किसी को कुछ बताया नहीं। बताया कि अरुण मौर्य के पिता दीपक कुमार के पास गांव में डेढ़ बीघा जमीन है। इससे गुजारा नहीं हो पाता था। इसलिए कई वर्षों पहले दीपक अपने पिता मथुरा प्रसाद के साथ पानीपत में रहकर मजदूरी करते थे।
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अतीक और अशरफ हत्याकांड में शामिल शूटर अरुण कासगंज का रहने वाला है।
- फोटो : अमर उजाला