उत्तर प्रदेश के कासगंज जिले में मंगलवार को शराब माफिया के हमले में मारे गए सिपाही देवेंद्र सिंह के परिवार पर दुखों को पहाड़ टूट पड़ा है। पत्नी, मां-बहन और पिता का रो-रोकर बुरा हाल है। देवेंद्र परिवार में इकलौते बेटे थे। दो महीने बाद उनकी बहन की शादी होनी है। उससे पहले ही घर का चिराग बुझ गया। गांव में मातम छाया हुआ है।
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कासगंज कांड: शहीद सिपाही देवेंद्र सिंह
- फोटो : अमर उजाला
सिपाही देवेंद्र सिंह आगरा जिले के गांव नगला बिंदू (थाना डौकी) के रहने वाले थे। उनकी तैनाती कासगंज के थाना सिढ़पुरा में थी। मंगलवार शाम को दरोगा अशोक कुमार सिंह और सिपाही देवेंद्र सिंह क्षेत्र के गांव नगला धीमर और नगला भिकारी में अवैध शराब की सूचना पर दबिश देने पहुंचे थे। यहां शराब माफिया ने हमला कर सिपाही देवेंद्र सिंह की हत्या कर दी थी। दरोगा अशोक कुमार सिंह गंभीर रूप हो गए। उनका इलाज चल रहा है।
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कासगंज हत्याकांड: शहीद सिपाही देवेंद्र सिंह की मासूम बेटियां
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मंगलवार रात को सिपाही देवेंद्र सिंह के शहीद होने की खबर मिलते ही गांव में मातम छा गया। शहीद के पिता व परिवार के अन्य लोग रात को ही कासगंज रवाना हो गए। परिवार में देवेंद्र की पत्नी का रो रोकर बुरा हाल है। सिपाही देवेंद्र की दो बेटियां हैं। इनमें बड़ी बेटी की उम्र तीन साल, जबकि छोटी महज तीन महीने की है। मां और बुआ को रोता देखकर वह बस यही पूछ रही है कि पापा कब आएंगे।
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कासगंज: मृतक सिपाही के परिजन
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ग्रामीणों ने बताया कि सिपाही देवेंद्र सिंह बहादुर बेटे थे। वह हमेशा कहते थे कि उन्होंने खाकी वर्दी रौब दिखाने के लिए नहीं पहनी है। देवेंद्र की शहादत से पूरे गांव में गम का माहौल है। ग्रामीणों ने बताया कि सिपाही देवेंद्र सिंह के पिता महावीर सिंह किसान हैं। देवेंद्र इकलौते बेटे थे। दो मई को उनकी बहन की शादी है। उससे पहले ही घर का चिराग बुझ गया। बहन रो-रोकर बेसुध हो रही है।
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कासगंज हत्याकांड: शहीद सिपाही देवेंद्र सिंह की बेटी
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पति देवेंद्र सिंह की मौत की खबर से पत्नी को गहरा सदमा लगा है। उनका रो-रोकर बुरा हालत है। उनकी दो बेटियां हैं। बड़ी बेटी वैष्णवी तीन साल की, जबकि छोटी बेटी महज तीन महीने की है। मां को रोता देख बेटी वैष्णवी बार-बार यही पूछ रही है कि पापा घर पर कब आएंगे।