एटा के राजारामपुर में चूहों ने पांच गांवों के करीब 550 किसानों की 4300 बीघा की फसल बर्बाद कर डाली। सिंचाई विभाग के अफसरों की माने तो फसल की बर्बादी के पीछे विभाग की लापरवाही नहीं बल्कि चूहे जिम्मेदार हैं। यही वजह है कि विभाग ने अपनी लापरवाही छिपाते हुए नहर कटान के लिए चूहों को दोषी ठहरा दिया। जबकि किसान सिंचाई विभाग पर लापरवाही बरतने की वजह से नहर कटने का आरोप लगा रहे हैं। फिलहाल बुधवार को कटान रोक दिया गया। हालांकि खेतों में पानी भरने से फसलें बर्बाद हो गई हैं।
अलीगंज क्षेत्र के गांव विजयपुर के पास बिल्सड पुवायां की तरफ सोमवार रात करीब एक बजे नहर की कट गई थी। जिससे गांव विजयपुर, बिल्सड़ पुवायां, लालपुर, गढ़िया जगन्नाथ में मंगलवार तक पानी भर गया था। रात के समय यह पांचवें गांव वीरनगर में भी पहुंच गया। ग्रामीणों के मुताबिक इन पांच गांव के 550 से ज्यादा किसानों के करीब 4300 बीघा खेतों में पानी भरा हुआ है।
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नहर के पानी से खेत हुए जलमग्न
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किसान कप्तान, रजनेश आदि ग्रामीणों का आरोप है कि सिंचाई विभाग द्वारा नहर की नियमित देखभाल और मरम्मत नहीं कराई जाती। पानी ओवरफ्लो होने से पटरी क्षतिग्रस्त हो रही थी। इसकी जानकारी देने के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं की गई। जिसका खामियाजा किसानों को भुगतना पड़ रहा है।
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किसानों ने पंपसेट लगाकर निकाला पानी
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बुधवार को सिंचाई विभाग के एई सूर्य प्रसाद, जेई प्रवीण कुमार, मानवेंद्र, योगेश सहित कर्मचारियों ने मरम्मत कार्य कराकर कटान रुकवाया। लेकिन खेतों में भरा पानी नहीं निकाला जा सका। जिससे फसलें बर्बाद हो गई हैं।
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ओवरफ्लो होने से कटी नहर
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सिंचाई खंड फर्रुखाबाद के सहायक अभियंता सूर्य प्रसाद का कहना है कि नहर पटरी में चूहों ने छेद कर दिए थे, जिनसे पानी रिस रहा था। जिसकी वजह से नहर कट गई। सूचना मिलने पर तत्काल काम चालू करवा दिया था। नहर की पटरी को ठीक कर दिया है, पानी बंद हो चुका है। पूर्व में यदि जेई ने कोई एक्शन नहीं लिया तो कार्रवाई की जाएगी।
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खेतों में भरा नहर का पानी
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एटा की अलीगंज तहसील के एसडीएम मानवेंद्र सिंह ने कहा कि लेखपालों द्वारा सर्वे कराया जा रहा है। जिन किसानों का नुकसान है, उनको मुआवजा दिलाया जाएगा। अभी खेतों में पानी भरा है जिसकी वजह से सर्वे में मुश्किलें आ रही हैं।