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तस्वीरें: चंबल नदी की गोद में पहुंचे 400 'नन्हे' मगरमच्छ, तेजी से बढ़ रहा है कुनबा

Thu, 27 Jun 2019 08:55 AM IST
मुकेश कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बाह (आगरा)
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बाह (आगरा) Published by: मुकेश कुमार Updated Thu, 27 Jun 2019 08:55 AM IST
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Increase numbers of crocodiles in Chambal river
मगरमच्छ के बच्चे
राष्ट्रीय चंबल सेंक्चुरी प्रोजेक्ट क्षेत्र में घड़ियालों के बाद अब मगरमच्छों की हैचिंग शुरू हो चुकी है। बाह और इटावा रेंज में जन्म ले चुके 400 शिशु मगरमच्छ चंबल नदी की गोद में पहुंच गए। वन्य जीव कर्मी इनकी गतिविधियों पर नजर बनाए हुए हैं। मगरमच्छों ने चंबल की बालू में अंडे दिए थे। नेस्टिंग के समय वन विभाग के कर्मियों ने वन्य जीवों से सुरक्षा के लिए जाली लगा दी थी।
Increase numbers of crocodiles in Chambal river
मगरमच्छ के बच्चे - फोटो : अमर उजाला
जीपीएस से लोकेशन ट्रैस कर जाली हटा दी गई। इटावा के खेड़ा अजब सिंह, कसौआ, बाह के महुआशाला घाट पर हैचिंग के बाद जन्मे 400 मगरमच्छ शिशु बालू पर सरकते हुए चंबल नदी में पहुंच गए। इटावा के रेंजर सर्वेश भदौरिया, बाह के रेंजर अमित सिसौदिया ने बताया कि मगरमच्छ की हैचिंग जारी है। सुरक्षा के लिहाज से इनकी गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है।
Increase numbers of crocodiles in Chambal river
चंबल नदी के किनारे रेत पर चलता मगरमच्छ का बच्चा - फोटो : अमर उजाला
हैचिंग के दौरान मगरमच्छ हमलावर हो सकते हैं। इसलिए बाह के रेंजर ने ग्रामीणों को चेतावनी दी है कि वो नदी किनारे नहीं जाएं। पूर्व में राजस्थान सीमा और बाह के कैंजरा घाट पर एक युवक को मगरमच्छ खींचकर पानी में ले जा चुका है। 
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Increase numbers of crocodiles in Chambal river
चंबल नदी में घड़ियाल और उसके बच्चे - फोटो : अमर उजाला
चंबल नदी में घड़ियाल के साथ मगरमच्छों का कुनबा तेजी से बढ़ रहा है। आठ साल में इनकी संख्या दोगुने से ज्यादा हो चुकी है। 2012 में जहां 905 घड़ियाल थे, वर्ष 2019 में 1,876 हो गए। मगरमच्छ वर्ष 2012 में 295 थे जो अब 706 हो चुके हैं। 
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Increase numbers of crocodiles in Chambal river
चंबल सेंचुरी चेक पोस्ट
हैचिंग पर निगरानी रखने वाले वनकर्मियों के मुताबिक नेस्टिंग स्थल पर मादा सभी अंडों से बच्चे निकलने तक मौजूद रही, जबकि नर मगरमच्छ नदी में सभी बच्चों के पानी में पहुंचने तक किनारे पर मौजूद रहे। 
 
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