आगरा में रविवार की बारिश के बाद बदले मौसम का बड़ा असर मंगलवार की सुबह नजर आया, जब सीजन का पहला कोहरा छा गया। केवल हाईवे या यमुना नदी के किनारे नहीं, बल्कि पूरे ताजनगरी ने कोहरे की चादर ओढ़ ली।
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रॉयल गेट से कोहरे के बीच ताजमहल देखते सैलानी
- फोटो : अमर उजाला
कोहरे के कारण दृश्यता शून्य रही। ताजमहल इस कोहरे में गुम हो गया। सुबह ताजमहल के अंदर आए पर्यटकों को रॉयल गेट से और सेंट्रल टैंक से ताज नजर ही नहीं आया।
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आगरा की सड़कों पर कोहरा
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यातायात पर भी कोहरे का असर नजर आया। हाइवे और एक्सप्रेस वे पर सुबह वाहन रेंगकर चले। यमुना एक्सप्रेस वे और आगरा लखनऊ एक्सप्रेस वे पर घने कोहरे के कारण वाहन धीमे और लाइटें जलाकर चले। पूर्वाहन 11:30 बजे के बाद धूप खिली, तब कोहरे में कमी आनी शुरू हुई। दिन में अधिकतम दृश्यता 750 मीटर तक रही।
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कोहरे के बीच ताजमहल देखते सैलानी
- फोटो : अमर उजाला
सोमवार की सुबह ठंडी हवाओं के कारण लोग परेशान रहे, दिनभर बादलों के छाए रहने के कारण धूप नहीं निकली, जिससे तापमान में 9 डिग्री की गिरावट आ गई। सोमवार को पूरे दिन आर्द्रता 92 फीसदी पर बनी रही, वहीं न्यूनतम तापमान 17.4 डिग्री पर पहुंच गया। रात में पारा सामान्य से 5 डिग्री ज्यादा है।
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ताजमहल पर आए सैलानी
- फोटो : अमर उजाला
आगरा में बारिश के कारण वायु गुणवत्ता में भी सुधार आया। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की ओर से सोमवार शाम 4 बजे जारी किए गए सूचकांक में आगरा हवा की गुणवत्ता में सुधार नजर आया। शाम 4 बजे के बाद से लगातार धूलकणों की मात्रा कम होती दिखी और न्यूनतम धूल कणों की संख्या 68 तक रह गई। इससे पहले 24 सितंबर को आगरा का एक्यूआई और धूल कणों की संख्या 48 पर पहुंची थी। उसके बाद पूरे अक्तूबर माह और नवंबर के पहले पखवाड़े में एयर क्वालिटी इंडेक्स बेहद खराब और गंभीर श्रेणी में बना रहा, लेकिन बारिश के बाद धूल कणों की संख्या कम होने से हवा सांस लेने लायक हुई है।