फिरोजाबाद के सोफीपुर गांव की नीलकंठ कॉलोनी में रविवार शाम झूठी आन की खातिर राकेश राठौर ने अपनी 19 वर्षीय बेटी मुस्कान की बांक से काटकर निर्मम हत्या कर दी। आरोपी राकेश राठौर ने पूछताछ में अपना गुनाह कुबूल करते हुए बताया कि बेटी मुस्कान पहले दो बार बिना बताए घर से चली गई थी। करीब एक माह पहले भी जब वह लापता हुई तो बसई मोहम्मदपुर थाने में उसकी गुमशुदगी दर्ज कराई गई थी। तब वह पुलिस को जयपुर में मिली थी।
समाज और रिश्तेदारी में हो रही लगातार बदनामी के कारण वह गहरे तनाव और गुस्से में था। राकेश ने बताया कि पत्नी पुष्पा हमेशा बेटी का पक्ष लेती थी, इसलिए उसने गुस्से में उस पर भी हमला किया।
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पुलिस की गिरफ्त में आरोपी पिता
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
उधर, राकेश राठौर ने जिस झूठी सामाजिक प्रतिष्ठा और शक के आधार पर अपनी ही लाड़ली की बांक से काटकर हत्या कर दी, वह शक पूरी तरह बेबुनियाद था। पुलिस जांच में साफ हुआ है कि मुस्कान जब भी घर से गई, वह किसी लड़के के साथ नहीं बल्कि बिल्कुल अकेली थी। पिता की गलतफहमी और गुस्सा इस खौफनाक वारदात की वजह बना।
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एंबुलेंस में घायल मां को लेकर जाता बेटा
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थाना बसई मोहम्मदपुर के प्रभारी निरीक्षक कृष्णस्वरूप पाल ने बताया कि करीब एक माह पहले जब मुस्कान घर से लापता हुई थी और परिवार ने उसकी गुमशुदगी दर्ज कराई थी, तब पुलिस ने गहनता से जांच की थी।
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सरकारी ट्रामा सेंटर में रविवार रात को उपचार के दौरान भर्ती पुष्पा देवी
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पुलिस टीम ने रेलवे स्टेशन जाकर वहां लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली थी। फुटेज में साफ नजर आया था कि मुस्कान पीठ पर एक बैग टांगे हुए स्टेशन पर बिल्कुल अकेली खड़ी थी। वह अकेले ही ट्रेन में सवार होते हुए कैमरे में कैद हुई थी।
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इसी घर में हुई थी हत्या
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सर्विलांस की मदद से जब मुस्कान की लोकेशन जयपुर (राजस्थान) में मिली, तो पुलिस की टीम उसे बरामद करने वहां पहुंची थी। जयपुर में भी मुस्कान बिल्कुल अकेली ही मिली थी, उसके साथ कोई अन्य युवक नहीं था। तब पुलिस पूछताछ में मासूम मुस्कान ने रोते हुए बताया था कि पिता राकेश राठौर उसे घर में छोटी-छोटी बातों पर बहुत बुरी तरह डांटते-फटकारते थे। इसी रोज-रोज की डांट से नाराज और क्षुब्ध होकर वह बिना बताए घर छोड़कर चली गई थी। इसके बाद पुलिस ने उसे समझा-बुझाकर कानूनी प्रक्रिया के तहत परिजनों के सुपुर्द कर दिया था।