उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद जिले में एक ऐसा मंदिर भी है, जहां पर लोग अंडा, लड्डू और पूड़ी चढ़ाकर बच्चों की सलामती के लिए पूजा अर्चना करते हैं। यह मंदिर नगरसेन महाराज का है, जो मटसेना क्षेत्र के गांव विलेहना में स्थित है। यहां हर साल वैशाख माह में तीन दिवसीय मेले का आयोजन किया जाता है। इस बार नगरसेन महाराज मेले का शुभारंभ रविवार को भाजपा सांसद डॉ.चंद्रसेन जादौन ने फीता काटकर किया। तीन दिवसीय मेले के पहले दिन हजारों की संख्या में श्रद्धालु अपने बच्चों को साथ लेकर पहुंचे। उन्होंने नगरसेन बाबा के दरबार में अंडा फोड़कर पूड़ी और सब्जी का भोग लगाया और बच्चों की सलामती के लिए प्रार्थना की।
बताया जाता है कि गांव विलेहना में करीब 150 वर्ष पूर्व दिवाकर समाज ने नगरसेन बाबा के मंदिर का निर्माण कराया था। तब से यहां प्रत्येक साल वैशाख की अष्टमी से तीन दिवसीय मेला लगता है। बीते दो साल कोरोना संक्रमण के कारण यहां मेला नहीं लगा था, लेकिन इस बार रविवार से तीन दिवसीय मेला शुरू हो गया।
2 of 5
मंदिर में अंडा फेंककर मारतीं श्रद्धालु
- फोटो : अमर उजाला
नगरसेन महाराज मेले का शुभारंभ करने आए सांसद डॉ.चंद्रसेन जादौन ने कहा कि यह मेला हमारी प्राचीन सांस्कृतिक धरोहर है। इसमें बड़ी संख्या में ग्रामीण पूजन के साथ बच्चों का मुंडन संस्कार कराने आते हैं। सांसद ने कहा कि मेला काफी प्राचीन है। मान्यता के अनुसार मंदिर में अंडा और पूड़ी चढ़ाई जाती है।
3 of 5
मंदिर में चढ़ाने के लिए अंडा और पूड़ी लेकर खड़ी महिला
- फोटो : अमर उजाला
पूर्व विधायक ओमप्रकाश वर्मा ने कहा कि नगरसेन बाबा के मेला से क्षेत्र के हजारों लोगों की आस्था जुड़ी हुई है। इसी आस्था भाव से रविवार को हजारों श्रद्धालु मेले में पहुंचे। मेले में जहां तरफ अंडों की बिक्री हो रही थी वहीं कई बच्चों का मुंडन कराया गया। श्रद्धालुओं ने नगरसेन बाबा को पूड़ी-सब्जी और अंडा चढ़ाकर मन्नत मांगी।
4 of 5
हाथ में अंडा लेकर खड़ा बालक
- फोटो : अमर उजाला
नगरसेन बाबा मंदिर से श्रद्धालुओं की आस्था है कि जिनके बच्चे बीमार होते हैं और जिनके बच्चे नहीं होते, वे लोग यहां आकर मुर्गी के अंडों को मंदिर पर फेंककर मारते हैं। जिससे उनकी मनोकामना पूर्ण हो जाती है। इस मेले में काफी दूर-दूर से लोग आते हैं।
5 of 5
नगरसेन बाबा मंदिर में उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़
- फोटो : अमर उजाला
मेला कमेटी के अध्यक्ष हरिबाबू दिवाकर ने बताया कि मेले में नगरसेन बाबा की पूजा होती है। महिलाएं अपने बच्चों को लेकर यहां आती हैं। मन्नत मांगती हैं। यह प्रथा बरसों से चली आ रही है। लड्डू, पूड़ी-सब्जी और अंडों के साथ-साथ नारियल भी चढ़ाया जाता है।