कोरोना के कारण आठ महीने तक बंद रहे उच्च शिक्षण संस्थान सोमवार से खुल गए। 50 फीसदी विद्यार्थियों के साथ संस्थानों में भौतिक रूप से पढ़ाई शुरू हुई। आगरा में पहले दिन कई कॉलेजों में अव्यवस्थाएं हावी रहीं। कोरोना संक्रमण से बचाव के इंतजाम नहीं किए गए थे। कॉलेजों के गेट पर थर्मल स्क्रीनिंग और सैनिटाइज की व्यवस्था नहीं की गई। कक्षाओें में सामाजिक दूरी का पालन न करते हुए सीट पर दो-तीन छात्र बिठाए गए।
Agra: आठ महीने बाद खुले कॉलेज, पहले दिन न थर्मल स्क्रीनिंग, न सैनिटाइजेशन की व्यवस्था
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मार्च से बंद डिग्री कॉलेज सोमवार को खुले। आगरा कॉलेज, सेंट जॉस कॉलेज, आरबीएस कॉलेज, बीडी जैन, बैकुंठी देवी कॉलेज समेत अन्य कॉलेजों में गेट पर थर्मल स्क्रीनिंग, सैनिटाइज की व्यवस्था नहीं थी। बिना मास्क के आने वाले छात्रों को रोकने के लिए गेट पर गार्ड, प्रोक्टोरियल बोर्ड के सदस्य भी नहीं थे। ऐसे में कई बिना मास्क के ही कॉलेजों में प्रवेश कर गए। मैदान में भी छात्र झुंड में बैठे मिले।
सामाजिक दूरी तार-तार
आगरा कॉलेज में छात्रवृत्ति के लिए फार्म भरने के लिए मारमारी रही। सटकर विद्यार्थी लाइन में लगे हुए थे। कक्षाओं में भी सामाजिक दूरी का ख्याल नहीं रखा। एक सीट पर दो और तीन छात्र बैठे हुए थे। विद्यार्थियों ने बताया कि सामान्य दिनों में भी यही सिटिंग प्लान रहता था।
झुंड में बैठे छात्र
सेंट जोंस कॉलेज में भी गेट पर तापमान मापने और सैनिटाइज की व्यवस्था नहीं थी। बिना मास्क लगाए आने वाले छात्रों को लौटाया भी नहीं जा रहा था। कक्षाओं के मुकाबले मैदान पर विद्यार्थी ज्यादा नजर आए। यह झुंड में बैठै हुए थ, कइयों ने मास्क भी नहीं लगाया हुआ था।
सेंट जोंस कॉलेज के प्राचार्य डॉ. एसपी सिंह ने कहा कि कमरों में सैनिटाइजेशन किया था, गेट पर गार्ड लगाकर थर्मल स्क्रीनिंग की व्यवस्था बुधवार से करा दी जाएगी। झुंड में छात्रों को बैठने से रोकने के लिए प्रोक्टोरियल बोर्ड को निर्देशित किया है।