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कागजों में दबे रहे सरकार के ‘अटल’ दावे, आज भी बदहाल है वाजपेयी का बटेश्वर

Tue, 25 Dec 2018 12:19 PM IST
मुकेश कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला आगरा Published by: मुकेश कुमार Updated Tue, 25 Dec 2018 12:19 PM IST
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Atal Bihari Vajpayee's birth place Bateshwar in agra
अटल बिहारी वाजपेयी - फोटो : अमर उजाला
भारत रत्न पूर्व प्रधानमंत्री अटल विहारी वाजपेयी का आज जन्मदिन है। निधन के बाद उनके पैतृक गांव बटेश्वर के चौमुखी विकास और पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने के खूब दावे किए गए। अस्थि कलश विसर्जन से पहले उनके प्रशासनिक अधिकारियों का अमला कई दिन तक यहां डेरा डाले रहा। योजनाओं का खाका खींचा। मगर, साढ़े तीन महीने बाद उनके जन्मदिन पर सरकार कोई सौगात नहीं दे पाई है। 

कागजों में दबे रहे सरकार के ‘अटल’ दावे, आज भी बदहाल है वाजपेयी का बटेश्वर

Atal Bihari Vajpayee's birth place Bateshwar in agra
अटल बिहारी वाजपेयी का पैतृक गांव बटेश्वर स्थित घर
दावों से पहले बटेश्वर जैसा था, आज भी वैसा ही है। जमींदोज हो चुका पैतृक आवास, खंडहर हो चुकी जंगलात कोठी, टूटी सड़कें, जर्जर हो चुके मंदिर। ऐसे में बटेश्वर सरकार से सिर्फ यही पूछ रहा है कि अस्थि कलश के साथ दावों, वादों और घोषणाओं का भी यमुना में विसर्जन कर दिया क्या। 

कागजों में दबे रहे सरकार के ‘अटल’ दावे, आज भी बदहाल है वाजपेयी का बटेश्वर

Atal Bihari Vajpayee's birth place Bateshwar in agra
बटेश्वर में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ - फोटो : अमर उजाला
सितंबर में अस्थि विसर्जन से पहले बटेश्वर के सर्वांगीण विकास के लिए लगभग 25 करोड़ की योजनाएं बनाई गई थीं। गांव को ऐतिहासिक, धार्मिक पर्यटन स्थल के रूप में विकसित किया जाएगा। साथ ही अटल की यादें सहेजने के लिए भी योजनाएं तैयार कीं। उनके जीवन चरित्र, कविताएं, स्मृतियां और स्थलों को सहेजने की तैयारी थी। तब उम्मीद थी कि अस्थि विसर्जन के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ इनकी घोषणा कर सकते हैं। मगर, ऐसा कुछ नहीं हुआ। 
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कागजों में दबे रहे सरकार के ‘अटल’ दावे, आज भी बदहाल है वाजपेयी का बटेश्वर

Atal Bihari Vajpayee's birth place Bateshwar in agra
अटलजी - फोटो : डेमो
बटेश्वर की जिन गलियों में खेलकूद कर बड़े हुए पूर्व प्रधानमंत्री, जिस स्कूल में पढ़े, जिस जंगलात कोठी को फूंककर क्रांति की धारा से जुडे़, जिस यज्ञ स्थल पर उन्होंने आहुतियां दीं, जिन घाटों पर यमुना स्नान किया, जिस पर्यटन कांपलेक्स का उद्घाटन किया, जिस रेल लाइन की आधारशिला रखी, ये सब बदहाल हैं। 
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कागजों में दबे रहे सरकार के ‘अटल’ दावे, आज भी बदहाल है वाजपेयी का बटेश्वर

Atal Bihari Vajpayee's birth place Bateshwar in agra
बटेश्वर - फोटो : अमर उजाला
बटेश्वर के लिए प्रस्ताव
- जर्जर हो चुके मंदिरों के जीर्णोद्धार कर संरक्षण।
- प्रसिद्ध पशु मेले को राज्य स्तर का दर्जा देने की तैयारी।
- पशु हाट का प्रचार प्रसार पर देना था जोर।
- मुख्य मार्ग को बनाने के लिए पीडब्ल्यूडी ने किया था सर्वे।
- पूरे क्षेत्र के सौंदर्यीकरण और पार्क विकसित करने की थी योजना।
- रात्रि निवास को विश्रामालय और हट बनाने का था विचार।
- मंदिरों के बीच में यज्ञ स्थल विकसित भी होना था।
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