सेना में फर्जी दस्तावेजों से भर्ती कराने का झांसा देकर युवाओं से लाखों की रकम लेने वाले गिरोह के सरगना राकेश चौधरी को आगरा पुलिस ने सोमवार को जेल भेज दिया। आरोपी सात साल में फर्जीवाड़ा करके 200 युवकों से रकम लेकर तीन करोड़ से अधिक की संपत्ति बना चुका है, जबकि गिरोह अब तक 10 करोड़ की कमाई कर चुका है। गिरोह के सात और सदस्यों की जानकारी मिली है। पुलिस उनकी तलाश में लगी है।
200 युवाओं को सेना में भर्ती कराने का झांसा देकर बना 'करोड़पति', अब पहुंचा सलाखों के पीछे
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28 जून को थाना ताजगंज पुलिस ने सेना में फर्जी दस्तावेजों से भर्ती कराने का झांसा देकर युवकों से पांच से छह लाख रुपये लेने वाले गिरोह के चार सदस्यों को पकड़ा था। इनमें ताजगंज के गांव बुढ़ाना निवासी उदय सिंह यादव, बुलंदशहर निवासी जितेंद्र सिंह, इच्छुक अभ्यर्थी आकाश सोलंकी और अजय सोलंकी थे। इन आरोपियों से पूछताछ में गांव बुढ़ेरा के राकेश चौधरी का नाम सामने आया था। राकेश गिरोह का सरगना है। उसकी मां ग्राम प्रधान हैं। राकेश पर 25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया था।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) बबलू कुमार ने बताया कि सरगना की गिरफ्तारी के लिए कई दिन से टीम लगी थी। रविवार रात को गांव बुढ़ेरा के पास उसकी आने की सूचना पर घेराबंदी की गई। यहां से बलीनो कार में सवार राकेश चौधरी को गिरफ्तार कर लिया गया। उसके पास से दो मोबाइल, एक डायरी, एक पेन बरामद हुआ। डायरी में सेना में भर्ती से संबंधित आरएमडीएस और रोल नंबर का विवरण हैं। इनकी जांच की जा रही है।
राकेश चौधरी से पूछताछ में पता चला कि गांव में उसकी तीन करोड़ से अधिक की संपत्ति है। वो प्रधान मां के काम भी देखता था। उसका गिरोह तकरीबन सात साल से युवकों को सेना में भर्ती कराने का झांसा देकर 10 करोड़ से अधिक कमा चुका है। गिरोह के सदस्यों के निशाने पर गांव के युवक रहते थे। वो फर्जी मेडिकल, निवास-अविवाहित प्रमाण पत्र, बनवाने का झांसा देते हैं। पुलिस अब सेना में भर्ती कराए गए युवकों के बारे में जानकारी जुटा रही है।
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