कासगंज जिले में अनामिका शुक्ला के नाम व शैक्षणिक अभिलेखों के सहारे कस्तूरबा आवासीय विद्यालय फरीदपुर में नौकरी करने वाली शिक्षिका प्रिया की संविदा समाप्त कर दी जाएगी। उससे अब तक मानदेय के रूप में भुगतान किए गए करीब साढ़े चार लाख रुपये की वसूली भी की जाएगी। शिक्षा विभाग ने इसकी कार्रवाई शुरू कर दी है। उधर, फर्जी शिक्षिका को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है।
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फर्जी शिक्षिका प्रिया
- फोटो : अमर उजाला
सोरों कोतवाली पुलिस ने गिरफ्तार की गई प्रिया को रविवार को अदालत में पेश किया। शासकीय अधिवक्ता ने शिक्षा विभाग का पक्ष और पुलिस के दस्तावेज रिमांड मजिस्ट्रेट के सामने रखा। इन पर सुनवाई करने के बाद मजिस्ट्रेट ने जेल भेजने का आदेश सुनाया। इसके बाद उसे 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।
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फर्जी शिक्षिका
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फर्जी शिक्षिका प्रिया ने बैंक खाता खुलवाने को भी दस्तावेजों में बड़ा हेरफेर किया। उसने फर्जी दस्तावेजों के आधार पर ही बैंक में खाता खुलवाया। वो इलाहाबाद बैंक से मानदेय की निकासी करती रही। जालसाजी की हकीकत कुछ दिनों पहले सामने आई तो उसने एक लाख रुपये की धनराशि तीन जून को अपने बैंक खाते से निकाल ली थी।
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फर्जी शिक्षिका
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बेसिक शिक्षा अधिकारी (बीएसए) अंजली अग्रवाल ने बताया कि प्रिया की सेवा समाप्ति की पत्रावली तैयार कर अनुमति के लिए जिलाधिकारी को भेजी जाएगी। न्यायालय ले जाते समय प्रिया फफक पड़ी। वो बार बार पुलिस से छोड़ने की गुहार कर रही थी।
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कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय कासगंज
- फोटो : अमर उजाला
बता दें कि अनामिका शुक्ला के नाम से प्रदेश के 25 स्कूलों में शिक्षिका की नौकरी का खुलासा हुआ है। सभी जगह एक जैसे ही दस्तावेज लगे हैं। कासगंज जिले के कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय फरीदपुर में अनामिका शुक्ला के नाम से नौकरी करने वाली एक शिक्षिका प्रिया की गिरफ्तारी हुई। इसके बाद कई राज उजागर हुए।