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सावधान! आगरा देश का छठवां प्रदूषित शहर, खतरनाक स्थिति की तरफ वायु गुणवत्ता
Fri, 09 Oct 2020 11:52 AM IST
Abhishek Saxena
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
Published by: Abhishek Saxena
Updated Fri, 09 Oct 2020 11:52 AM IST
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सड़कों पर उड़ती धूल के बीच से निकलने को मजबूर लोग
- फोटो : अमर उजाला
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आगरा की हवा और जहरीली हो गई है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की ओर से गुरुवार को जारी की गई सूची में आगरा देश का छठवां सबसे प्रदूषित शहर रहा। आगरा का वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 272 पर पहुंच गया। सांस रोग विशेषज्ञों का कहना है कि इस स्थिति में सांस रोगियों के साथ स्वस्थ लोगों को भी तकलीफ हो रही है। पिछले आठ दिन से स्थिति लगातार खराब हो रही है। पारा नीचे आ रहा है, वायु गुणवत्ता सूचकांक ऊपर जा रहा है। गुरुवार को यह 209 था, शुक्रवार को 63 अंकों की छलांग लगाई। हवा में धूल और कार्बन के कण बढ़ने से यह स्थिति बनी है।
धूल से लोगों का फूल रहा दम
- फोटो : अमर उजाला
एसएन मेडिकल कॉलेज के वक्ष रोग विभाग के वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. जीवी सिंह ने बताया कि एक्यूआई 200 से ऊपर जाते ही सांस रोगियों की परेशानी बढ़ जाती है। 300 होने पर अस्थमा का अटैक पड़ सकता है। सामान्य लोगों को भी नाक में खुश्की, आंखों में जलन जैसी समस्या आ सकती हैं। सांस लेने में भी परेशानी होती है।
सड़क पर उड़ती धूल
- फोटो : अमर उजाला
पिछले साल अक्तूबर के शुरू में वायु गुणवत्ता सूचकांक 55 से 60 तक था। इस तरह देखें तो इस बार चार गुना ज्यादा प्रदूषण है। हवा जहरीली होती जाने के बावजूद शहर में न उड़ती धूल रोकने के उपाय किए जा रहे हैं और न ही धुआं। रोज कूड़ा जलाया जा रहा है। हाईवे पर धूल के गुबार उठ रहे हैं। प्रदूषण नियंत्रण विभाग ने इसके लिए एनएचएआई को नोटिस दिया लेकिन इसके बावजूद कोई सुधार नहीं हुआ है।
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खोदी गई सड़क
- फोटो : अमर उजाला
दिल्ली-आगरा खंड, आगरा-इटावा खंड के बाद नेशनल हाईवे अथॉरिटी की रामबाग से अलीगढ़ खंड इकाई को उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने नोटिस जारी किया है। बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी भुवन प्रकाश यादव ने बृहस्पतिवार को इकाई के प्रोजेक्ट डायरेक्टर को यह नोटिस भेजा। इसमें आगरा-अलीगढ़ हाईवे के किनारे मिट्टी के ढेर, कचरा और मलबा पड़ा होने, धूल नियंत्रण के उपाय नहीं किए जाने की शिकायतें हैं। इससे पार्टिकुलेट मैटर 2.5 माइक्रोग्राम हवा में घुल रहा है। बोर्ड ने डस्ट ऑडिट के लिए एनएचएआई अधिकारियों को कहा है। हाईवे अथॉरिटी के साथ इनर रिंग रोड के लिए आगरा विकास प्राधिकरण और स्मार्ट सिटी कंपनी को फतेहाबाद रोड पर धूल नियंत्रण न करने पर नोटिस जारी किया गया है।
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ताजमहल
- फोटो : अमर उजाला
ताज पर धूल कणों का हमला
आगरा स्मार्ट सिटी कंपनी फतेहाबाद रोड नाला, यूटिलिटी डक्ट और सड़क चौड़ीकरण का कार्य करा रही है। जगह-जगह मिट्टी के ढेर लगे होने के साथ धूल नियंत्रण के लिए कोई उपाय नहीं किए गए। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने 5 सितंबर के बाद 22 सितंबर को फिर से निरीक्षण किया और 23 सितंबर को नोटिस जारी किया लेकिन इस नोटिस के 15 दिन बाद भी स्मार्ट सिटी कंपनी ने धूल नियंत्रण के एक उपाय को भी नहीं अपनाया, जबकि इस दौरान दक्षिण पूर्व दिशा से हवाएं चल रही हैं जो इन धूल कणों को सीधा ताजमहल पर टकरा रही हैं। ताजमहल पर इन धूलकणों का हमला होने के कारण स्थिति बिगड़ रही है।
आगरा स्मार्ट सिटी कंपनी फतेहाबाद रोड नाला, यूटिलिटी डक्ट और सड़क चौड़ीकरण का कार्य करा रही है। जगह-जगह मिट्टी के ढेर लगे होने के साथ धूल नियंत्रण के लिए कोई उपाय नहीं किए गए। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने 5 सितंबर के बाद 22 सितंबर को फिर से निरीक्षण किया और 23 सितंबर को नोटिस जारी किया लेकिन इस नोटिस के 15 दिन बाद भी स्मार्ट सिटी कंपनी ने धूल नियंत्रण के एक उपाय को भी नहीं अपनाया, जबकि इस दौरान दक्षिण पूर्व दिशा से हवाएं चल रही हैं जो इन धूल कणों को सीधा ताजमहल पर टकरा रही हैं। ताजमहल पर इन धूलकणों का हमला होने के कारण स्थिति बिगड़ रही है।