आगरा चौहरा हत्याकांड: अच्छा रहन-सहन बन गया रेखा की मौत की वजह, पिता बोले-बेटा गुनहगार तो पैरवी नहीं
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पुलिस को पता चला है कि संतोष घर से लैपटॉप का बैग लेकर गया है। इसमें ही लैपटॉप, टेबलेट और रेखा का एक और मोबाइल लेकर जाने की आशंका है। पुलिस को आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद भी हत्या में प्रयुक्त चाकू और कैंची नहीं मिले हैं। वहीं आरोपी ग्लव्स भी पहनकर आया था। वह अपने यह सभी बैग में ही रखकर ले गया।
बेटा गुनाहगार तो पैरवी नहीं : बादाम सिंह
रेखा राठौर और उनके तीन बच्चों की हत्या में रिश्ते के भाई संतोष की गिरफ्तारी के बाद परिवार के लोग भी सन्न है। पिता एक ही बात कह रहे हैं कि बेटा गुनहगार है तो पैरवी नहीं करेंगे। उसे कड़ी से कड़ी सजा मिलनी चाहिए। उसने ऐसा किया है तो बहुत बुरा है।
बादाम सिंह ने कहा कि बेटे को पुलिस ने पकड़ा है। यह किसी न किसी साक्ष्य के आधार पर ही होगा। उनकी बेटे से बात नहीं हो पाई है। वह उससे इस बारे में पूछेंगे। अगर, उसने रिश्ते की बहन और उसका परिवार खत्म किया है तो सजा मिलनी चाहिए। उसकी पैरवी नहीं की जाएगी। बादाम सिंह का कहना था कि रेखा को वह बेटी की तरह मानते थे। इसलिए उसकी शादी में सहयोग किया था। बेटे की हरकत ने शर्मसार कर दिया।
बादाम सिंह ने बताया कि बेटा अक्सर उनकी गाड़ी लेकर ही बाजार जाता था। वह पिछली साल धनतेरस पर एक्टिवा घर लाया था। तब उससे पूछा था। उसने बताया कि 90 हजार में एक्टिवा खरीदी है। कुछ रकम अदा कर दी है। बाकी किश्त में दे देगा। इस पर बेटे से कहा था कि इतने रुपये क्यों गाड़ी में खराब कर दिए। इस रकम को दुकान में भी लगा सकता था। इस पर उसने कोई जवाब नहीं दिया था। संतोष दस साल पहले अलग हो गया था। उसका काम ठीक से नहीं चल रहा था। इस पर पिता ने उसे अपना काम भी सौंप दिया। मगर, उसने यह काम भी खत्म कर दिया। इस कारण उसकी आदत से परेशान थे। एक साल पहले संतोष कोरोना संक्रमित हो गया था। दो सप्ताह तक एसएन मेडिकल कालेज में भर्ती रहा था। इस दौरान पत्नी कोरोना संक्रमित होने की चिंता किए बिना एसएन में उसकी सेवा के लिए डटी रही थी।