आगरा के सर्किट हाउस में मंगलवार को लोग उस वक्त हैरत में पड़ गए, जब तमाम किसान घुटनों के बल चलते हुए यहां पहुंचे। ये किसान प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी कर रहे थे। इनके साथ कुछ महिलाएं व पुरुष बैनर लेकर चल रहे थे।
तस्वीरों में जानिए आखिर क्यों किसानों को अपनाना पड़ा विरोध का यह तरीका...
दरअसल, इनर रिंग रोड के भूमि अधिग्रहण और एलाइनमेंट में बदलाव के नाम पर हुए करोड़ों रुपये खेल के विरोध में किसानों ने अनोखा तरीका अपनाया। किसान नेता श्याम सिंह चाहर के नेतृत्व में तमाम किसान मंगलवार दोपहर को घुटनों के बल चलते हुए सर्किट हाउस पहुंचे। यहां किसानों ने प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
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- फोटो : अमर उजाला
किसान नेता श्याम सिंह चाहर ने कहा कि प्राधिकरण और प्रशासन के अधिकारियों ने इनर रिंग रोड के लिए जमीन अधिग्रहण में बड़ा खेल किया है। 2011 में इमरजेंसी क्लाज के तहत कब्जा लेकर 2013 में अपने लोगों को अधिक भुगतान कर दिया गया। लेकिन किसानों और अन्य को सात वर्ष बाद भी पूरा भुगतान नहीं किया गया है।
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उन्होंने कहा कि धारा चार होने से लेकर 2011 तक की अवधि का 12 फीसदी की दर से ब्याज का भुगतान किया जाए। पेड़, कुआं, बावड़ी, बाग आदि की पैमाइश कराकर उसका भुगतान किसानों को किया जाए। किसानों को फसल का मुआवजा दिया जाए। किसानों ने आरोप लगाया कि प्राधिकरण ने बिल्डरों को लाभ पहुंचाने के लिए इनर रिेंग रोड के एलाइनमेंट में परिवर्तन किया है। इससे किसानों को नुकसान हुआ है।
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किसानों ने एडीए के खिलाफ नारेबाजी करते हुए प्रमुख सचिव आवास को ज्ञापन सौंपा और मामले की जांच कराने के मांग की। उन्होंने कहा कि एलाइनमेंट की जांच कराई जाए और प्रभावित किसानों की समस्या का निस्तारण किया जाए। प्रदर्शन में शिव प्रसाद, विनोद, सत्यभान सिंह, सावित्री चाहर, मिथिलेश कुमारी, कृपाल सिंह, मुकेश पाठक, रंजना देवी, ज्योति वर्मा, प्रभु देवी, कमलेश कुमारी, थान सिंह, शिव प्रसाद आदि मौजूद रहे।