आगरा के टीला माईथान में हुए हादसे के बाद अब 30 परिवारों के सामने आश्रय का संकट खड़ा हो गया है। पुलिस प्रशासन की टीम ने निरीक्षण के बाद मकानों पर क्रॉस का निशान लगा दिया है। जर्जर मकानों को असुरक्षित घोषित कर दिया गया है। इनमें रहने वाले परिवार का सामान एसडीआरएफ की टीम ने निकालना शुरू कर दिया है।
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टीला माईथान हादसाः प्रशासन की चेतावनी; रातोंरात खाली करें घर, लोगों का दर्द-कहां जाएं कोई तो बताए'
Sun, 29 Jan 2023 04:02 PM IST
भूपेन्द्र सिंह
अमर उजाला ब्यूरो, आगरा
अमर उजाला ब्यूरो, आगरा
Published by: भूपेन्द्र सिंह
Updated Sun, 29 Jan 2023 04:02 PM IST
सार
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30 परिवारों के सामने आश्रय का संकट गहराया
- फोटो : अमर उजाला
हादसे के बाद मौके पर लोगों की भीड़ लग गई
- फोटो : अमर उजाला
यहां के रहने वाले अनिल वर्मा ने बताया कि वह बाइक रिपेयरिंग का काम करते हैं। उन्होंने कुछ महीने पहले ही अपना मकान फिर से बनवाया था। इसके बावजूद निशान लगा दिया गया। उनके मकान पर किसी तरह का खतरा नहीं है। बस 30 मीटर के दायरे में आ रहा है। पहले बिजली चली गई। अब पानी की काट दिया गया। अब बोला जा रहा है कि मकान खाली कर दो। वह खाली करके कहां जाएंगे।
बबलू वर्मा ने बताया कि वह चांदी पायल का काम करते हैं। घर में तकरीबन चार सदस्य हैं। उनके अलावा एक किरायेदार का परिवार भी रहता है। उन्हें किसी तरह की परेशानी नहीं है। इसके बावजूद उनसे मकान खाली करने के लिए बोल दिया गया है। नौ महीने पहले मकान बनवाया था। अब चिह्नित कर दिया है। शुक्रवार से खाली करने के लिए बोला जा रहा है। पानी नहीं मिलने की वजह से बच्चे परेशान हैं। अगर, खाली करेंगे तो कहां जाएंगे, यह नहीं बताया।
बबलू वर्मा ने बताया कि वह चांदी पायल का काम करते हैं। घर में तकरीबन चार सदस्य हैं। उनके अलावा एक किरायेदार का परिवार भी रहता है। उन्हें किसी तरह की परेशानी नहीं है। इसके बावजूद उनसे मकान खाली करने के लिए बोल दिया गया है। नौ महीने पहले मकान बनवाया था। अब चिह्नित कर दिया है। शुक्रवार से खाली करने के लिए बोला जा रहा है। पानी नहीं मिलने की वजह से बच्चे परेशान हैं। अगर, खाली करेंगे तो कहां जाएंगे, यह नहीं बताया।
चार फुट की गली में तकरीबन 50 से अधिक मकान बने हुए हैं
- फोटो : अमर उजाला
बबलू के पड़ोस में रहने वाली कमलेश ने बताया कि उनके घर में बूढ़ी सास सावित्री हैं। वह बीमार रहती हैं। 3 ऋषि, मोहित और सोनम बच्चे हैं। वह किसी तरह तंबाकू फैक्ट्री में काम करके गुजर बसर कर रही हैं। इससे किसी तरह घर चल पाता है। अगर घर खाली करना पड़ा तो वह जाएंगे कहां। किराए पर रहने के लिए पैसे नहीं है। सरकार की तरफ से कोई मदद तो मिली नहीं है। आसरा भी नहीं मिल रहा है।
तीन फुट की है गली
टीला माईथान की जिस गली के बाहर हादसा हुआ, वो शुरूआत में तो 4 फुट की है। अंदर जाने के बाद वो तीन फुट और दो फुट की रह जाती है। इसमें अगर, हादसा हुआ तो मदद मिलना भी मुश्किल हो जाएगा। तकरीबन 50 से अधिक मकान बने हुए हैं।
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मकान गिरने की आशंका पर एसडीआरएफ की टीम को बुला लिया गया है
- फोटो : अमर उजाला
एसडीआरएफ की टीम
टीला माईथान में मकान गिरने की आशंका पर एसडीआरएफ की टीम को बुला लिया गया है। इटावा और लखनऊ से 42 सदस्यीय टीम आई है। प्लाटून कंमांडर मोईन खान ने बताया कि मलबा हटाने के दौरान जर्जर भवन गिर सकते हैं। लोगों की मदद टीम करेगी। सामान निकाला जाएगा। रेस्क्यू भी किया जाएगा।कहां जाएंगे हम ?
मोहल्ले की आरती शर्मा ने बताया कि हादसे में मकान गिर गया है। सामान भी आधा गिर गया। कुछ सामान बचा है। वो तीन दिन से धर्मशाला में रह रहे हैं। पति डब्बू की मौत हो चुकी है। एक बेटे और बेटी के साथ रहती है। किसी तरह काम करके गुजर बसर करती हैं।
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आसपास मकानों में दरारें आने लगी थी
- फोटो : अमर उजाला
सामान भी नहीं ले जा पाए
अमन ने बताया कि सामान मकान में ही फंसा हुआ है। मकान आधा टूटा पड़ा हुआ है। पिता बाइक सर्विस करते हैं। एक जगह रहने के लिए मकान लिया है, लेकिन उससे कोई फायदा नहीं हो पा रहा है।क्षेत्र की रहने वाली दया गौतम ने बताया कि जोशीमठ में प्राकृतिक आपदा का शिकार लोग हुए। मगर, उनके मोहल्ले में तो बिल्डर ने आपदा खड़ी कर दी है। रातो रात पुलिस प्रशासन ने मकान खाली करने के लिए बोल दिया है। अब कहां जाएंगे ? पूछने पर अधिकारी यही बता रहे हैं कि मकान गिरने का खतरा है। मिट्टी दरक सकती है। इस कारण उन्होंने मकान खाली कर दिया। यही कुछ हाल रामा देवी का था।