Precautions During Storm: भारत में गर्मियों और मानसून के दौरान आंधी-तूफान और तेज हवाओं का खतरा काफी बढ़ जाता है। ये प्राकृतिक आपदाएं सिर्फ घरों या फसलों को ही नुकसान नहीं पहुंचातीं हैं, बल्कि कई बार जानलेवा भी साबित होती हैं। अक्सर लोग अनजाने में कुछ ऐसी गलतियां कर बैठते हैं जो तूफान के दौरान उनके लिए खतरनाक साबित हो सकती हैं, जैसे किसी पेड़ के नीचे शरण लेना या बिजली के खुले उपकरणों का इस्तेमाल करना।
सावधान: रास्ते में अचानक चलने लगे तेज आंधी तो तुरंत करें ये काम, जरा सी असावधानी से जा सकती है जान
गर्मियों और मानसून में आंधी-तूफान जानलेवा हो सकते हैं। अक्सर लोग इस दौरान कुछ गलतियां कर देते हैं, जो उनके लिए नुकसानदायक होता है। आइए इस लेख में इसी के बारे में जानते हैं कि ऐसी स्थिति में क्या सावधानियां बरतनी चाहिए।
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आंधी-तूफान के समय क्या करें और क्या न करें, इसकी जानकारी होना आपको और आपके परिवार को सुरक्षित रखने में मदद कर सकता है। समय रहते इन सुरक्षा उपायों को अपनाकर आप बड़े नुकसान या दुर्घटनाओं से बच सकते हैं।
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आंधी-तूफान के दौरान खतरे
आंधी-तूफान के दौरान तेज हवाएं चलना, बिजली गिरना, और भारी बारिश होना आम बात हैं। ऐसे में पेड़ों या बिजली के खंभों के गिरने, बिजली के झटके, और उड़ती वस्तुओं से चोट लगने का जोखिम रहता है। सबसे बड़ी गलती है खुले में रहना या धातु की वस्तुओं को छूना, क्योंकि बिजली आमतौर पर ऊंची वस्तुओं पर गिरती है।
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- यदि आप रास्ते में हैं और अचानक आंधी शुरू हो जाए, तो तुरंत किसी मजबूत घर या इमारत में शरण लें। जहां कहीं भी निर्माण कार्य चल रहा हो, उन जगहों से दूर रहें, क्योंकि वहां चीजें अक्सर अस्थायी रूप से रखी होती हैं और वे गिर सकती हैं, जिससे बड़ा खतरा हो सकता है।
- अगर आस-पास कुछ न दिखे और खुला मैदान हो तो, जमीन पर लेटना सबसे अच्छा विक्लप हो सकता है।
- अगर आप घर पर हैं तो बिजली के उपकरण, जैसे टीवी, फ्रिज, या चार्जर, अनप्लग करें। नहाने या बर्तन धोने से बचें, क्योंकि पानी बिजली का सुचालक है।
- पेड़, बिजली के खंभे, या धातु की बाड़ के पास न खड़े हों। अगर बाहर हैं, तो किसी निचले स्थान पर बैठ जाएं और सिर को कवर करें।
- खुली छत, बालकनी या पहाड़ी इलाकों में रहने से बचें, क्योंकि तेज हवाएं आपको उड़ा सकती हैं या आप संतुलन खो सकते हैं।
- नंगे पैर गीली जमीन पर न चलें।
- छतरी या धातु की छड़ का उपयोग न करें।
- ऊंचे स्थानों, जैसे छत या पहाड़ी, पर न जाएं।
- भीड़ में न रहें, क्योंकि बिजली एक व्यक्ति से दूसरे में फैल सकती है।