सामान खरीदते समय आपने अक्सर दुकानदार या कंपनी से गारंटी और वारंटी के बारे में सुना होगा। कई लोग दोनों को एक ही समझते हैं और यह मान लेते हैं कि सामान खराब हुआ तो कंपनी उसे बदल ही देगी। लेकिन ऐसा हर मामले में नहीं होता। गारंटी और वारंटी की शर्तें अलग हो सकती हैं और सामान के हिसाब से इनके नियम भी बदलते हैं। इसलिए टीवी, फ्रिज, मोबाइल, इलेक्ट्रॉनिक सामान या कोई दूसरा महंगा प्रोडक्ट खरीदने से पहले सिर्फ यह सुनकर संतुष्ट न हों कि इसमें वारंटी या गारंटी मिल रही है। इसके नियम समझना भी जरूरी है। तो आइए जानते हैं।
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गारंटी और वारंटी में क्या अंतर है?
- फोटो : Adobe stock
गारंटी का क्या मतलब होता है?
आम तौर पर गारंटी कंपनी की तरफ से दिया गया एक भरोसा होता है कि तय अवधि और तय शर्तों के अंदर सामान में कोई समस्या आने पर कंपनी उसे ठीक करेगी या कुछ मामलों में सामान बदलने की सुविधा देगी। लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि हर तरह की खराबी पर सामान बदल दिया जाएगा। क्या-क्या खराबी गारंटी में शामिल होगी और कंपनी क्या समाधान देगी, यह उस प्रोडक्ट की शर्तों पर निर्भर करता है।
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गारंटी और वारंटी में क्या अंतर है?
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वारंटी में क्या होता है?
वारंटी भी तय समय तक सामान से जुड़ी खराबी के लिए कंपनी की ओर से दी जाने वाली सुविधा है। इसमें आम तौर पर कंपनी नियमों के मुताबिक खराबी की जांच करके उसे ठीक करने की सुविधा देती है। कुछ वारंटी में पार्ट्स बदलने की सुविधा हो सकती है, जबकि कुछ में अलग शर्तें लागू हो सकती हैं। यानी सिर्फ वारंटी देखकर यह मान लेना सही नहीं है कि हर खराबी पर आपको नया सामान मिल जाएगा।
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दोनों में सबसे जरूरी फर्क क्या है?
आसान भाषा में समझें तो गारंटी और वारंटी का सबसे बड़ा फर्क उनके नियम और कंपनी की ओर से दिए जाने वाले समाधान में होता है। गारंटी में कुछ स्थितियों में रिप्लेसमेंट का भरोसा दिया जा सकता है, जबकि वारंटी में अक्सर रिपेयर या तय सेवा की सुविधा मिलती है। लेकिन यह कोई हर प्रोडक्ट पर लागू होने वाला एक जैसा नियम नहीं है। इसलिए किसी भी सामान के मामले में असली शर्तें देखना सबसे जरूरी है।
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खरीदने से पहले ये जरूर चेक करें
खरीदने से पहले गारंटी या वारंटी कितने समय की है, यह देखें। साथ ही यह भी पढ़ें कि इसमें कौन-कौन सी खराबियां शामिल हैं और किन चीजों को बाहर रखा गया है। कई बार टूट-फूट, गलत इस्तेमाल या सामान्य घिसावट जैसी चीजों पर कंपनी की सुविधा लागू नहीं होती। ऑनलाइन खरीदारी में भी प्रोडक्ट की वारंटी या गारंटी की शर्तें जरूर पढ़ें। बिल और वारंटी से जुड़े दस्तावेज संभालकर रखें, क्योंकि बाद में सर्विस लेते समय इनकी जरूरत पड़ सकती है।
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