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Organic Farming: आसान शब्दों में समझें क्या होती है ऑर्गेनिक फॉर्मिंग, इस योजना से आप भी उठा सकते हैं जैविक खेती का लाभ
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बढ़ती जनसंख्या का पेट भरने के लिए जहां एक तरफ ज्यादातर लोग रासायनिक उर्वरक का इस्तेमाल कर रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ जैविक खेती करने में भारत दुनियाभर में नंबर वन पर है। इसकी एक वजह यह भी है कि जैविक उत्पादों की बाजार में अधिक मांग व अच्छी कीमत है। जिसके चलते ज्यादातर किसान जैविक खेती की तरफ रुख कर रहे हैं। साथ ही यह संख्या लागातार बढ़ती जा रही है। दरअसल, कम जमीन पर ज्यादा उपज के लिए रासायनिक उर्वरक का इस्तेमाल किया जाता है। भले ही इससे पैदावार बढ़ जाती है, लेकिन ये सेहत और पर्यावरण दोनों के लिए ही बेहद हानिकारक है। इससे लोगों की सेहत पर बुरा असर पड़ता है, साथ ही मिट्टी की उर्वरता शक्ति भी कम हो जाती है। जिसके चलते बाजार में आजकल जैविक उत्पादों की मांग बढ़ रही है। इन्हीं बातों को ध्यान में रखते हुए सरकार कई योजनाओं के तहत किसानों को खेती में सहायता कर रही है।
किसी भी खेती को पूरी तरह जैविक बनाने के लिए करीब 3 साल का वक्त लगता है। जैविक खेती में रासायनिक उर्वरकों का इस्तेमाल न करते हुए गोबर की खाद या कम्पोस्ट का उपयोग किया जाता है। इसके साथ ही कीटनाशकों की जगह लहसुन, नीम का घोल, मट्ठा, मिर्च, लकड़ी की राख के अलावा गोमूत्र का इस्तेमाल भी किया जाता है। इन सभी चीजों के इस्तेमाल से मिट्टी की गुणवत्ता साथ ही मिट्टी में जलधारण करने की क्षमता भी बढ़ जाती है।
भारत में जैविक खेती का रकबा (क्षेत्रफल) लगातार बढ़ रहा है। वहीं जैविक खेती कर रहे सबसे ज्यादा किसानों की संख्या भारत में ही है। दुनिया के कुल जैविक उत्पादन की बात की जाए तो केवल भारत के पास 30 प्रतिशत हिस्सा है। वहीं देश में सिक्किम, त्रिपुरा और उत्तराखंड सहित कई अन्य राज्य जैविक राज्य बनने की दिशा में हैं।
देश में जैविक खेती को प्रोत्साहित करने के लिए सरकार भी लगातार प्रयास कर रही है। इसी क्रम में देश में परंपरागत कृषि विकास योजना चलाई जा रही है। जिसके तहत जैविक खेती शुरू करने के लिए 50 या उससे अधिक किसान एक क्लस्टर बनाते हैं।
इन किसानों के पास 50 एकड़ जमीन होना आनिवार्य है। इस योजना के तहत तकरीबन 40 हजार क्लस्टरों की सहायता की जा रही है। ये क्लस्टर लगभग 7 लाख हेक्टेयर क्षेत्र को कवर करते हैं। इस योजना के दायरे में 80 हजार हेक्टेयर में खेती करने वाले 160 एफपीओ को लाया गया है।
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