Sim Card Swapping: कैसे होता है लोगों को लूटने का खेल, आपका सिम कोई दूसरा कैसे करता है इस्तेमाल

प्रदीप पाण्डेय
टेक डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्लीप्रदीप पाण्डेय
Mon, 03 May 2021 03:18 PM IST
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what is Sim Card Swapping and how to be safe all you need to know
sim swapping - फोटो : amar ujala

    साइबर फ्रॉड के रोज नए-नए केस और नए तरीके सामने आ रहे है। साइबर फ्रॉड का एक तरीका सिम स्वैपिंग हुआ है। सिम स्वैपिंग करके जालसाज लोगों के बैंक खाते से पैसे उड़ा लेते हैं और लोगों को भनक तक नहीं लगती। सिम कार्ड स्वैपिंग के मामले दिल्ली और मुंबई समेत कई राज्यों से सामने आए हैं जिनमें सिम स्वैपिंग करके लोगों के बैंक अकाउंट से लाखों रुपये उड़ाए गए हैं। आइए जानते हैं आखिर क्या है सिम स्वैपिंग और क्या हैं इससे बचने के तरीके...

    SIM Swap Fraud
    SIM Swap Fraud

    क्या है सिम स्वैपिंग?

    सिम स्वैप का सीधा मतलब सिम कार्ड को बदल देना या उसी नंबर से दूसरा सिम निकलवा लेना है। सिम स्वैपिंग में आपके मोबाइल नंबर से एक नए सिम का रजिस्ट्रेशन किया जाता है। इसके बाद आपका सिम कार्ड बंद हो जाता है और आपके मोबाइल से नेटवर्क गायब हो जाता है। ऐसे में ठग के पास आपके मोबाइल नंबर से सिम चालू हो जाता है और इसी का फायदा उठाकर वह आपके नंबर पर ओटीपी मंगाता है और फिर आपके खाते से पैसे उड़ा लेता है।

    Sim Card Swap Fraud
    Sim Card Swap Fraud - फोटो : amar ujala

    कई लोग मिलकर करते हैं ठगी

    साइबर सिक्योरिटी एक्सपर्ट एडवोकेट प्रशांत माली के मुताबिक 2011 के बाद से इस तरह के अपराध बढ़े हैं। सिम स्वैपिंग सिर्फ एक शख्स नहीं करता बल्कि इस तरह के काम में कई लोग शामिल रहते हैं। संगठित गिरोह इसे अंजाम देते हैं। साइबर एंड लॉ फाउंडेशन की आंतरिक रिसर्च से पता चला है कि 2018 में इस तरीके से भारत में 200 करोड़ रुपये उड़ा लिए गए। अलग-अलग तरह के मीडिया, सोशल मीडिया के जरिये पहले तो आप पर नजर रखी जाती है और आपकी जानकारियां जुटाई जाती हैं। कई बार आपको किसी अनजान नंबर से कॉल आती है और जानकारी ली जाती हैं।

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