काम की बात: स्मार्टफोन के बारे में वो झूठी बातें, जिसे अधिकतर लोग मानते हैं सच

स्मार्टफोन का इस्तेमाल तो आज के समय में हर कोई कर रहा है। यह परिवार के एक सदस्य की तरह हो गया है, जिसे कोई भी खुद से दूर नहीं करना चाहता, बेहतर तरीके से उसका ख्याल रखते हैं। कुछ लोग तो ऐसे भी होते हैं कि अगर गलती से भी कभी फोन उनसे दूर हो जाए तो चिंता सताने लगती है, टूट जाए तो दुखी हो जाते हैं, रोने लगते हैं। खैर, ये सब तो आम बातें हैं, लेकिन क्या आप जानते हैं कि स्मार्टफोन से जुड़ी कुछ ऐसी भी बातें हैं, जो होती हो झूठ हैं, लेकिन बहुत से लोग उन्हें सच मान बैठते हैं। आपसे भी कई लोगों ने कई ऐसी बातें कही होंगी कि रात में चार्ज पर लगाकर फोन को नहीं छोड़ना चाहिए, फोन के कैमरे का मेगापिक्सल जितना ज्यादा होगा, उतनी ही अच्छी फोटो आएगी। अब इन सब बातों में कितनी सच्चाई है, आज हम आपको इसी के बारे में बताएंगे।तो चलिए जानते हैं स्मार्टफोन के बारे में फैली कुछ अफवाहों के बारे में, जिन्हें अक्सर लोग सच मान लेते हैं।

बैटरी के बारे में
- बहुत से लोग कहते हैं कि नया फोन खरीदने के बाद पहली बार उसे इस्तेमाल करने से पहले फुल चार्ज कर लेना चाहिए, ज्यादा एमएएच की बैटरी अच्छी होती है, फोन को तभी चार्ज करना चाहिए, जब बैटरी पूरी तरह खत्म हो जाए। मोबाइल के जानकार बैटरी को लेकर किए जा रहे इस तरह के दावों को झूठा बताते हैं।

कैमरे के बारे में
- ज्यादातर लोग जब स्मार्टफोन खरीदने जाते हैं तो सबसे पहले फोन का कैमरा देखते हैं कि वह कितने मेगापिक्सल का है, क्योंकि उन्हें लगता है कि ज्यादा मेगापिक्सल वाले कैमरे से फोटो अच्छी आती है, जबकि ऐसा बिल्कुल नहीं है। सच्चाई तो ये है कि फोटो की क्वालिटी मेगापिक्सल के साथ-साथ अपर्चर जैसी चीजों पर भी निर्भर करती है। इसलिए सिर्फ कैमरे के मेगापिक्सल पर न जाएं।