लॉकडाउन में किस तरह हुआ तकनीक का इस्तेमाल, जानें यहां

लॉकडाउन के दौरान तकनीक लोगों का सहारा बनी है। लोगों ने तकनीक का इस्तेमाल ऑफिस की मीटिंग, बच्चों की पढ़ाई और घरेलू सामान की खरीदारी जैसे तमाम कार्यों के लिए किया है। इतना ही नहीं केंद्र से लेकर राज्य सरकारों तक ने भी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग तकनीक के जरिए बैठकें की हैं। तो आज हम आपको बताएंगे कि कैसे तकनीक ने इस मुश्किल स्थिति में लोगों को राहत दी है। आइए जानते हैं...

ऑनलाइन क्लास का लिया सहारा
कोरोना संक्रमण के चलते देश के सभी स्कूल और कॉलेज ने बच्चों को पढ़ाने के लिए ऑनलाइन प्लेटफॉर्म का सहारा लिया है। शिक्षक द्वारा ब्लैक बोर्ड पर पर टॉपिक लिख लिया जाता है और उस विषय वस्तु को कैमरे के सामने ब्लैक बोर्ड पर दिखा कर बहुत अच्छे तरीके से समझाया जाता है। इसी रिकॉर्डिंग को शिक्षक द्वारा उसी क्लास के बने विद्यार्थियों के व्हाट्सएप ग्रुप पर वीडियो को भेज दिया जाता है, जिससे प्राप्त वीडियो को विद्यार्थी अच्छी तरह से बार- बार सुनते देखते और समझते रहते हैं। बावजूद इसके यदि बच्चों को उस टॉपिक में कुछ समझ में नहीं आता है तो वह अपने शिक्षक को सीधा फोन द्वारा व्यक्तिगत बात करके अपनी शंका का समाधान कर लेते हैं। विद्यार्थियों ने कहा की वह घर बैठे पढ़ाई कर रहे हैं।

वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग एप का इस्तेमाल बढ़ा
कोरोना के बढ़ते प्रभाव को देखते हुए सभी कंपनियों ने अपने कर्मचारियों को घर से काम करने का आदेश दिया है। यही वजह है कि वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग एप इस्तेमाल तेजी से बढ़ा है। अब सभी इन एप्स के जरिए वर्चुअल मीटिंग कर रहे हैं। इसके अलावा वीपीएन और क्लाउड तकनीक का भी इस्तेमाल किया जा रहा है।