फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

Pitra Dosh Upay: सोमवती अमावस्या पर करें पीपल की परिक्रमा का उपाय, पितृ दोष से मिलेगी मुक्ति

Fri, 12 Sep 2025 04:02 PM IST
ज्योति मेहरा पं. निश्चल शास्त्री
पं. निश्चल शास्त्री Published by: ज्योति मेहरा Updated Fri, 12 Sep 2025 04:02 PM IST
सार

श्राद्ध कर्म में पीपल वृक्ष का विशेष महत्व है, क्योंकि इसे पितरों का वास स्थल माना जाता है। इसके नीचे तर्पण और पिंडदान करने से पितृगण प्रसन्न होते हैं।

विज्ञापन
Pitra Dosh Upay on Somvati Amavasya peepal tree remedies for pitra dosha
पितृ दोष से मुक्ति के उपाय - फोटो : adobe stock

किसी भी जन्म कुंडली का नवां घर धर्म का स्थान कहा जाता है। यह भाग्य का स्थान भी होता है। अगर किसी प्रकार से नवां घर खराब ग्रहों से ग्रसित होता है तो सूचित करता है कि पूर्वजों की इच्छाएं अधूरी रह गई थीं। जो प्राकृतिक रूप से खराब ग्रह होते हैं, वे सूर्य, मंगल, शनि कुछ ही लग्नों में अपना काम करते हैं, लेकिन राहु और केतु सभी लग्नों में अपना दुष्प्रभाव देते हैं।


Pitru Paksha 2025: गया जी में पिंडदान से होता है 25 पीढ़ियों का उद्धार, जानें इस स्थान की महिमा
Jivitputrika Vrat 2025: जितिया व्रत में भूलकर भी न करें ये काम, जानें क्या करें और क्या न करें
Panchbali Karma: श्राद्ध पक्ष में करें पंचबलि कर्म, पितृ दोष से मिलेगा छुटकारा, जीवन की सभी बाधाएं होंगी दूर

Pitra Dosh Upay on Somvati Amavasya peepal tree remedies for pitra dosha
नवां भाव - फोटो : adobe stock

नवां भाव, नवें भाव का स्वामी ग्रह, नवां भाव चंद्र राशि से और चंद्र राशि से नवें भाव का स्वामी यदि राहु या केतु से ग्रसित है तो यह पितृ दोष का कारण बनता है। इस दोष से पीड़ित जातक किसी न किसी प्रकार की समस्या से दो-चार होता रहता है। उसकी शिक्षा पूरी नहीं हो पाती या वह जीविका के लिए तरसता रहता है या फिर वह मानसिक या शारीरिक रूप से अपंग हो सकता है। इस तरह वह अपने जीवन में कई समस्याओं का सामना करता है।
Pitru Paksha 2025: इन चार जगहों पर भूलकर भी नहीं करना चाहिए तर्पण और पिंडदान, जानें कहां कर सकते हैं
Pitru Paksha 2025: क्या महिलाएं कर सकती हैं श्राद्ध ? जानिए क्या कहता है गरुड़ पुराण

Pitra Dosh Upay on Somvati Amavasya peepal tree remedies for pitra dosha
एक सौ आठ बार परिक्रमा   - फोटो : freepik

एक सौ आठ बार परिक्रमा  
सोमवती अमावस्या को (जिस अमावस्या को सोमवार हो) पीपल के पेड़ के पास जाएं। उस पीपल के पेड़ को एक जनेऊ प्रदान करें और एक जनेऊ भगवान विष्णु के नाम का उसी पीपल को प्रदान करें। पीपल के पेड़ की और भगवान विष्णु की प्रार्थना करें और उस पीपल के पेड़ की एक सौ आठ बार परिक्रमा करें।

हर परिक्रमा के बाद यथासंभव एक मिठाई पीपल को अर्पित करते जाएं। परिक्रमा करते समय 'ऊं नमो भगवते वासुदेवाय' मंत्र का जाप करते रहें। परिक्रमा पूरी करने के बाद फिर से पीपल के पेड़ और भगवान विष्णु से प्रार्थना करें। जो भी जाने-अनजाने अपराध हुए हैं, उनके लिए उनसे क्षमा मांगें। सोमवती अमावस्या की पूजा से बहुत जल्दी उत्तम फलों की प्राप्ति होने लगती है।
पं. निश्चल शास्त्री

डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं, ज्योतिष, पंचांग, धार्मिक ग्रंथों आदि पर आधारित है। यहां दी गई सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है।

अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय हिंदी न्यूज़ वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें आस्था समाचार से जुड़ी ब्रेकिंग अपडेट। आस्था जगत की अन्य खबरें जैसे पॉज़िटिव लाइफ़ फैक्ट्स,स्वास्थ्य संबंधी सभी धर्म और त्योहार आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed