Maha Shivratri 2023: भगवान शिव को प्रसन्न करने के लिए सावन, मासिक शिवरात्रि और महाशिवरात्रि का विशेष महत्व होता है। हिंदू पंचांग के अनुसार हर महीने के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि को मासिक शिवशिवरात्रि मनाई जाती है,वहीं फाल्गुन माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि को महाशिवरात्रि का त्योहार मनाया जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार महाशिवरात्रि के दिन ही भगवान शिव और माता पार्वती का विवाह हुआ था। इस दिन शिवभक्त उपवास रखते हुए शिवलिंग पर जलाभिषेक और अन्य तरह की पूजा सामग्रियों को अर्पित करते हैं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार शिवलिंग का जलाभिषेक करने और शिव मंत्रों का जाप करने से सभी तरह की मनोकामनाएं जल्द से जल्द पूरी होती हैं। शिवपुराण में भगवान भोलेनाथ को प्रसन्न करने और अलग-अलग मनोकामनाओं की पूर्ति के लिए अलग-अलग शिव मंत्रों का वर्णन किया गया है। इन शिव मंत्रों का हर एक शब्द का अपना अलग महत्व होता है। शिव मंत्र के हर एक शब्द का अलग महत्व और अर्थ होता है। सभी शिव मंत्रों का जाप अलग-अलग मनोकामनाओं की पूर्ति के लिए किया जाता है।
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Maha Shivratri 2023: जानिए भगवान शिव को जल्द प्रसन्न करने के मंत्र और इसके फायदे
Wed, 15 Feb 2023 07:24 AM IST
विनोद शुक्ला
धर्म डेस्क, अमर उजाला
धर्म डेस्क, अमर उजाला
Published by: विनोद शुक्ला
Updated Wed, 15 Feb 2023 07:24 AM IST
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mahashivratri 2023
महाशिवरात्रि की शुभकामनाएं
- फोटो : amar ujala
ऊँ नम: शिवाय
भगवान शिव को प्रसन्न करने का यह सबसे सरल मंत्र माना जाता है। इस मंत्र के जाप से भगवान जल्दी ही प्रसन्न होते हैं। शिवजी की पूजा के दौरान और जलाभिषेक करने में इस मंत्र का उच्चारण किया जाता है। भगवान शिव के इस मंत्र का 108 बार जाप करना काफी लाभदायक होता है।
भगवान शिव को प्रसन्न करने का यह सबसे सरल मंत्र माना जाता है। इस मंत्र के जाप से भगवान जल्दी ही प्रसन्न होते हैं। शिवजी की पूजा के दौरान और जलाभिषेक करने में इस मंत्र का उच्चारण किया जाता है। भगवान शिव के इस मंत्र का 108 बार जाप करना काफी लाभदायक होता है।
महाशिवरात्रि 2023
महामृत्युंजय मंत्र
ॐ त्र्यम्बकं यजामहे। सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम्। उर्वारुकमिव बन्धनान्। मृत्योर्मुक्षीय मामृतात् ॥
अकाल मृत्यु को टालने के लिए और गंभीर बीमीरियों के चंगुल से छुटकारा पाने के लिए महामृत्युंजय मंत्र का जाप बहुत ही फलदायी होता है। शिवलिंग पर जल और पुष्प चढ़ाते समय महामृत्युंजय मंत्र का जाप करना बहुत ही फलदायी होता है।
ॐ त्र्यम्बकं यजामहे। सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम्। उर्वारुकमिव बन्धनान्। मृत्योर्मुक्षीय मामृतात् ॥
अकाल मृत्यु को टालने के लिए और गंभीर बीमीरियों के चंगुल से छुटकारा पाने के लिए महामृत्युंजय मंत्र का जाप बहुत ही फलदायी होता है। शिवलिंग पर जल और पुष्प चढ़ाते समय महामृत्युंजय मंत्र का जाप करना बहुत ही फलदायी होता है।
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महाशिवरात्रि पर करें महादेव के पंचाक्षर स्तोत्र का पाठ
- फोटो : अमर उजाला
शिव पंचाक्षर स्तोत्र मंत्र
शिव पंचाक्षर स्तोत्र मंत्र की रचना गुरु शंकराचार्य ने की थी। शिव पंचाक्षर स्तोत्र मंत्र का जाप करने से भगवान शिव जल्द से जल्द प्रसन्न होते हैं।
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शिव पंचाक्षर स्तोत्र मंत्र की रचना गुरु शंकराचार्य ने की थी। शिव पंचाक्षर स्तोत्र मंत्र का जाप करने से भगवान शिव जल्द से जल्द प्रसन्न होते हैं।
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MahaShivratri
- फोटो : अमर उजाला
ॐ नमस्ते अस्तु भगवन
इस मंत्र के जाप से जीवन में व्याप्त भय सभी तरह के भय दूर हो जाते हैं और व्यक्ति का आत्मविश्वास बढ़ता है। शिवजी की साधना में इस मंत्र का प्रयोग शिवजी के अलग-अलग रूपों के नाम से जाना जाता है।
इस मंत्र के जाप से जीवन में व्याप्त भय सभी तरह के भय दूर हो जाते हैं और व्यक्ति का आत्मविश्वास बढ़ता है। शिवजी की साधना में इस मंत्र का प्रयोग शिवजी के अलग-अलग रूपों के नाम से जाना जाता है।