Kajri Teej Upay: तीज का त्योहार हिंदू धर्म में खास स्थान रखता है और यह वर्ष में तीन बार मनाया जाता है—हरतालिका तीज, हरियाली तीज, और कजरी तीज। इनमें से कजरी तीज भाद्रपद माह के कृष्ण पक्ष की तृतीया तिथि को मनाई जाती है। यह पर्व भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा-अर्चना के लिए समर्पित है और इसे शिव-पार्वती के मिलन के रूप में भी देखा जाता है। इसलिए इस दिन विवाहित महिलाएं अपने पति की लंबी उम्र और सुखी वैवाहिक जीवन की कामना के लिए व्रत रखती हैं।
Kajari Teej 2025: कजरी तीज पर माता पार्वती को ये चीजें अर्पित करें, मिलेगा खंड सौभाग्य का आशीर्वाद
Kajari Teej Upay: पंचांग के अनुसार भाद्रपद माह के कृष्ण पक्ष की तृतीया को कजरी तीज मनाई जाती है। यह पर्व भगवान शिव और माता पार्वती को समर्पित है। धार्मिक मान्यता है कि इसी दिन शिव और शक्ति का मिलन हुआ था, इसलिए विशेष पूजा होती है।
कजरी तीज पर माता पार्वती को क्या चढ़ाएं?
- माता पार्वती को सिंदूर और कुमकुम अर्पित करें।
- बिंदी और मेहंदी से उन्हें सजाएं।
- चूड़ियाँ और बिछुआ चढ़ाएं।
- दर्पण और कंघी जैसे श्रृंगार सामान भी अर्पित करें।
- इत्र और चुनरी से पूजा स्थल को सुगंधित करें।
- हरे रंग की साड़ी माता पार्वती को अर्पित करें।
- विवाहित महिलाओं को कजरी तीज के दिन 16 श्रृंगार जरूर करना चाहिए।
- मान्यता है कि इससे माता पार्वती और भगवान शिव प्रसन्न होते हैं।
- यह पूजा सुख-सौभाग्य और वैवाहिक जीवन की खुशहाली के लिए अत्यंत फलदायी होती है।
कजरी तीज 2025 कब है?
पंचांग के अनुसार, भाद्रपद मास के कृष्ण पक्ष की तृतीया तिथि 11 अगस्त को सुबह 10:33 बजे से शुरू होगी। यह तिथि 12 अगस्त की सुबह 8:40 बजे समाप्त हो जाएगी। उदया तिथि के हिसाब से इस साल कजरी तीज 12 अगस्त 2025 को मनाई जाएगी।
कजरी तीज पूजा मुहूर्त
डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं, ज्योतिष, पंचांग, धार्मिक ग्रंथों आदि पर आधारित है। यहां दी गई सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है।
ब्रह्म मुहूर्त सुबह 4:23 बजे से 5:06 बजे तक रहेगा।
विजय मुहूर्त दोपहर 2:38 बजे से 3:31 बजे तक है।
गोधूलि मुहूर्त शाम 7:03 बजे से 7:25 बजे तक होता है।
निशिता काल मुहूर्त रात 12:05 बजे से 12:48 बजे तक रहेगा।