Jyeshtha Month 2025: ज्येष्ठ मास का शुभारंभ 13 मई 2025 से हो चुका है और यह 11 जून 2025 तक रहेगा। हिंदू धर्म में इस महीने को विशेष पुण्यदायी माना जाता है। यह समय व्रत-उपवास, पूजा-पाठ और धार्मिक कार्यों के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है। इस पवित्र मास में भगवान विष्णु, सूर्य देव और हनुमान जी की आराधना का विशेष महत्व है। ऐसा कहा जाता है कि इस महीने की गई साधना और भक्ति स्थायी फल देती है। साथ ही तुलसी का पौधा भी इस माह में विशेष रूप से पूजनीय होता है, क्योंकि तुलसी को माता लक्ष्मी का प्रतीक माना गया है। यदि तुलसी की श्रद्धापूर्वक पूजा की जाए, तो घर में धन, सुख और शांति बनी रहती है।
Jyeshtha Month 2025: जेष्ठ माह में करें तुलसी के ये खास उपाय, धन-धान्य में होगी वृद्धि
तुलसी का पौधा ज्येष्ठ मास में विशेष रूप से पूजनीय होता है, क्योंकि तुलसी को माता लक्ष्मी का प्रतीक माना गया है। यदि तुलसी की श्रद्धापूर्वक पूजा की जाए, तो घर में धन, सुख और शांति बनी रहती है।
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ज्येष्ठ माह में करें तुलसी के ये सरल उपाय
अर्पित करें जल
प्रातः स्नान के बाद तुलसी के पौधे में शुद्ध जल अर्पित करें। यदि संभव हो तो उसमें गंगाजल की कुछ बूंदें भी मिला लें। यह साधारण-सा उपाय नकारात्मक ऊर्जा को दूर करता है और सकारात्मक वातावरण बनाता है। साथ ही यह आर्थिक समृद्धि के द्वार भी खोलता है।
गोमती चक्र का उपाय
शुक्रवार को 11 गोमती चक्र लेकर लाल कपड़े में बांधें और तुलसी के पास रख दें। सात दिन बाद इन चक्रों को बहते जल में प्रवाहित कर दें। यह प्रक्रिया सौभाग्य और सुख-समृद्धि को आकर्षित करती है।
तुलसी मंजरी भगवान विष्णु को अर्पित करें
तुलसी की मंजरी (फूल) को भगवान विष्णु को चढ़ाने से विशेष पुण्य प्राप्त होता है। इससे माता लक्ष्मी और भगवान विष्णु दोनों की कृपा बनी रहती है।
तुलसी पत्र से करें पूजन
घर के मंदिर में तुलसी के कुछ पत्ते रखें और पूजन के दौरान भगवान विष्णु को अवश्य अर्पित करें। ऐसा करने से मां लक्ष्मी का वास घर में बना रहता है और आर्थिक तंगी दूर होती है।
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डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): ये लेख लोक मान्यताओं पर आधारित है। इस लेख में शामिल सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है।