Vat Savitri Vrat 2025: मई सुहागिन महिलाओं के लिए बेहद खास है, क्योंकि इस माह वट सावित्री का व्रत रखा जाएगा। यह व्रत पति की लंबी उम्र, तरक्की, खुशहाली और अच्छी सेहत के लिए रखा जाता है। इस दिन मुख्य रूप से सुहागिनें वटवृक्ष की पूजा करती हैं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार वट वृक्ष में ब्रह्मा, विष्णु और शिव का वास होता है, इसलिए इसकी उपासना करने से सुहागिन महिलाओं की सभी मनोकामनाएं पूरी व वैवाहिक जीवन में मधुरता बनी रहती है।
वट सावित्री हिंदू धर्म का प्रमुख पर्व है और उत्तर प्रदेश, बिहार समेत मध्य प्रदेश में इसे भव्य तरीके से मनाया जाता है। यहां महिलाएं एकजुट होकर पूजा-पाठ करते हुए देवी सावित्री और पति सत्यवान की कथा का स्मरण करती हैं। लेकिन इस साल इस पर्व को लेकर असमंजस बना हुआ है। ऐसे में आइए वट सावित्री व्रत की तिथि और पूजा विधि के बारे में जानते हैं।
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Vat Savitri Vrat 2025
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कब रखा जाएगा वट सावित्री व्रत?
पंचांग के मुताबिक वट सावित्री व्रत ज्येष्ठ मास की अमावस्या तिथि पर रखा जाता है। इस साल ज्येष्ठ माह की अमावस्या तिथि की शुरुआत 26 मई 2025 को दिन में 12 बजकर 11 मिनट पर हो रही है। इसका समापन अगने दिन यानी 27 मई 2025 को सुबह 8 बजकर 31 मिनट पर होगा। ऐसे में 26 मई 2025 को वट सावित्री व्रत का व्रत रखा जाएगा।
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वट सावित्री व्रत 2025 पूजा का शुभ मुहूर्त
वट सावित्री व्रत के दिन सुबह 8 बजकर 52 मिनट से लेकर 10 बजकर 25 मिनट तक शुभ चौघड़िया मुहूर्त बन रहा है। इसके अलावा सुबह 11 बजकर 51 मिनट से दोपहर 12 बजकर 46 मिनट तक अभिजित मुहूर्त बना रहेगा। वहीं वट सावित्री व्रत के दिन दोपहर में 3 बजकर 45 मिनट से 5 बजकर 28 मिनट तक भी पूजा का शुभ योग बन रहा है। आप इस अवधि में उपासना कर सकती हैं।
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वट सावित्री व्रत 2025 शुभ योग
26 मई 2025 को वट सावित्री व्रत के दिन भरणी नक्षत्र बन रहा है, जो सुबह 8:23 मिनट तक रहेगा। इसके अलावा इस तिथि पर शोभन व अतिगण्ड योग का संयोग रहेगा। वट सावित्री के दिन अभिजित मुहूर्त सुबह 11:54 से दोपहर 12:42 तक रहेगा।
अगर पहली बार रख रहे हैं वट सावित्री व्रत, तो जान लें इसके नियम
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वट सावित्री व्रत की पूजा विधि
- वट सावित्री के दिन सुबह ही स्नान के बाद साफ वस्त्रों को धारण कर लें।
- अब पूरे घर में साफ-सफाई करते हुए गंगाजल का छिड़काव करें।
- अब वट वृक्ष की पूजा करने से पहले पीले व लाल रंग के वस्त्र धारण करें।