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Janmashtami 2022: जानिए क्यों यमुना में ही रहता था कालिया नाग, भगवान श्री कृष्ण से हारने के बाद कहां गया
Janmashtami 2022: भगवान श्रीहरि ने धरती पर कंस के आतंक से लोगों को मुक्त कराने के लिए श्री कृष्ण के रूप में जन्म लिया था। पुराणों के मुताबिक, भगवान श्री कृष्ण श्रीहरि विष्णु के आठवें अवतार थे। श्री कृष्ण का जन्म भाद्रपद के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को रात्रि 12 बजे हुआ था। इसलिए हर साल भाद्रपद के कृष्ण पक्ष की अष्टमी को भगवान श्री कृष्ण का जन्मोत्सव मनाया जाता है। भगवान श्री कृष्ण के भगवान विष्णु का अवतार होने से इस पर्व का विशेष महत्व है।
द्वापरयुग में उनका जन्म हुआ था इसलिए उन्हें इस युग का सर्वश्रेष्ठ पुरुष कहा जाता है। भगवान श्री कृष्ण अपनी लीलाओं के लिए जाने जाते हैं, क्योंकि उन्होंने राक्षसों और कंस के मारने तक कई लीलाएं की थीं। जन्माष्टमी के नजदीक आते ही उनकी लीलाओं की चर्चाएं तेज हो जाती हैं। उनकी लीलाओं में कालिया नाग को मारना भी शामिल है। इस जन्माष्टमी के मौके पर हम आपको भगवान श्री कृष्ण और कालिया नाग से जुड़ी रोचक कहानियां बताएंगे।
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जानिए क्यों युमना में ही रहता था कालिया नाग
- फोटो : iStock
पौराणिक कथा के मुताबिक, भगवान श्री कृष्ण के पिता का नाम वसुदेव था औ उनकी मात का नाम देवकी था। वसुदेव और देवकी के विवाह के बाद आकाशवाणी हुई कि कंस का वध उसकी बहन का आठवा पुत्र करेगा। भगवान श्री कृष्ण का कंस मामा था। इसके बाद उसने वसुदेव और देवकी को कारागार में डाल दिया। इसके बाद उसने अपनी बहन देवकी के 6 बच्चों का मार दिया। शेषनाग देवकी के सातवें पुत्र के रूप में जन्म लेने वाले थे। लेकिन जब देवकी के गर्भ में शेषनाग आए तो उनका गर्भपात हो गया जो देवताओं की एक योजना थी। उन्होंने देवकी के सातवें पुत्र यानी शेषनाग को वसुदेव की पहली पत्नी रोहिणी के गर्भाशय में स्थापित कर दिया। बलराम ने देवकी की सातवी संतान के रूप में जन्म लिया था। श्रीहरि ने देवकी के आठवें पुत्र के रूप में जन्म लिया।
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जानिए क्यों युमना में ही रहता था कालिया नाग
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इसके बाद वसुदेव ने गोकुल में नंद और यशोदा के घर भगवान श्री कृष्ण को पहुंचा दिया। यशोदा ने भगवान श्री कृष्ण का पालन पोषण किया। भगवान विष्णु के आठवें अवतार के रूप में जन्म लेने वाले श्री कृष्ण बचपन से ही बहुत नटखट थे और वह अपनी लीलाएं दिखाना शुरू कर दिए थे। भगवान श्री कृष्ण अपने दोस्तों के साथ गांव में सभी का मक्खन चुराकर खा जाते थे। एक बार श्री कृष्ण की शरारतों से परेशान होकर यशोदा ने ओखली से बांध दिया था।
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जानिए क्यों युमना में ही रहता था कालिया नाग
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बचपन में भगवान श्री कृष्ण एक बार मिट्टी खा रहे थे और माता यशोदा ने देख लिया। इसके बाद उन्होंने श्री कृष्ण से मुंह खोलने के लिए कहा, तो पूरे ब्रह्मांड का दर्शन करा दिया। भगवान श्री कृष्ण की लीलाओं में गोपियों के साथ रासलीला, गोवर्धन पर्वत की कहानी, कंस का वध, कालिया नाग का वध प्रमुख रूप से शामिल है।
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जानिए क्यों युमना में ही रहता था कालिया नाग
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भगवान श्री कृष्ण की प्रसिद्ध लीलाओं में कालिया नाग का वध शामिल है। कंस ने कालिया नाग से श्री कृष्ण को मारने के लिए कहा था। भगवान श्री कृष्ण यमुना नदी के किनारे अपने दोस्तों के साथ खेल रहे थे। इसी दौरान गेंद यमुना नदी में चली गई। भगवान श्री कृष्ण के मित्रों ने उनको गेंद लाने के लिए यमुना में भेज दिया और कालिया नाग नदी में अपने परिवार के साथ रहता था। नदी में जाने के बाद श्री कृष्ण को कालिया नाग मिला। इसके बाद भगवान श्री कृष्ण ने जहरीले कालिया नाग का मर्दन करते हैं।
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