Gajkesari Rajyog 2025: वैदिक ज्योतिष शास्त्र में चंद्रमा का विशेष महत्व होता है। चंद्रमा हर ढाई दिनों में अपनी राशि परिवर्तन करते हैं, जिसके कारण किसी न किसी ग्रह के साथ युति संबंध बनाते हैं जिसके कारण कई तरह के शुभ और अशुभ योगों का निर्माण होता है। पंचांग के अनुसार 28 मई को चंद्रमा दोपहर 01 बजकर 36 मिनट पर वृषभ राशि के अपनी यात्रा को विराम देते हुए बुध की राशि मिथुन में गोचर हो जाएंगे। वैदिक ज्योतिष शास्त्र में जब गुरु के साथ चंद्रमा की युति बनती है तो गजकेसरी योग का निर्माण होता है। गजकेसरी योग को बहुत ही शुभ माना जाता है। इस योग के बनने पर जातकों को मां लक्ष्मी की विशेष कृपा मिलती है। आपको बता दें कि देवगुरु बृहस्पति करीब एक साल तक किसी एक राशि में रहते हैं, जिसके कारण सभी 12 राशियों पर प्रभाव पड़ता है। गुरु अभी मिथुन राशि में हैं और 28 मई को चंद्रमा के मिथुन राशि में गोचर करने से इन दोनों ही ग्रहों की युति मिथुन राशि में देखने के मिलेगी। इस राशि में राजयोग के निर्माण से कुछ राशि वालों को बंपर फायदा मिल सकता है। आइए जानते हैं गजकेसरी योग से किन-किन राशि वालों को फायदा मिलेगा।
Gajkesari Rajyog 2025: कुछ दिनों बाद बनेगा शक्तिशाली गजकेसरी राजयोग, इन राशियों के शुरू होंगे अच्छे दिन
ज्योतिष डेस्क, अमर उजाला
Published by: विनोद शुक्ला
Updated Sun, 25 May 2025 07:19 AM IST
सार
Gajkesari Rajyog 2025: मिथुन राशि में चंद्रमा के गोचर करने से गुरु के साथ युति होने से गजकेसरी राजयोग का निर्माण हुआ। इससे कुछ राशि वालोें को बंपर लाभ मिलता है।
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