शास्त्रों में ग्रहण समाप्त होने के बाद कुछ कार्यों को करने के नियम बताए गए हैं। आज उपछाया चंद्र ग्रहण लगा है, जिसका समापन शाम 5 बजकर 22 मिनट पर बताया जा रहा है। यह चंद्र ग्रहण वृष राशि और रोहिणी नक्षत्र में लगा है। ग्रहण का लगना अशुभ माना जाता है। इस दौरान कई कार्य वर्जित होते हैं। ग्रहण के अशुभ प्रभाव से बचने के लिए ग्रहण समाप्ति के बाद कुछ कार्यों को जरूर करना चाहिए। ये कार्य इस प्रकार हैं-
Chandra Grahan 2020: चंद्र ग्रहण के बाद जरूर करें ये उपाय, अशुभ प्रभावों से मिलेगी मुक्ति
ग्रहण समाप्त होने के बाद स्वयं की शुद्धि होनी आवश्यक है। ग्रहण के प्रभावों को नष्ट करने के लिए स्नान करना चाहिए। शुद्ध जल से स्नान करने के बाद स्वच्छ वस्त्र धारण करने चाहिए। ऐसा करने से आपके ऊपर ग्रहण का प्रभाव शून्य हो जाएगा। वहीं जब शुद्धि की प्रक्रिया पूरी कर लें तब जाकर कुछ अन्य कार्य करें।
ग्रहण लगने से उसकी नकारात्मक ऊर्जा भी घर में प्रवेश कर जाती है। ऐसे में घर का शुद्धिकरण भी ग्रहण के पश्चात् अवश्य करना चाहिए। पूरे घर में गंगा जल झिड़कें। घर में पोछा भी कर सकते हैं। ऐसा करने से ग्रहण की नकारात्मक ऊर्जा पूरी तरह से नष्ट हो जाएगी।
ग्रहण के बाद घर के मंदिर में गंगा जल छिड़क कर शुद्ध करें। देवी-देवताओं की प्रतिमाओं को भी गंगा जल से शुद्ध करें और इसके बाद ही पूजा करें। ऐसा करने से घर के मंदिर में व्याप्त ग्रहण की नकारात्मक छाया नष्ट हो जाएगी।
ग्रहण के पश्चात ही भोजन बनाकर ग्रहण करना चाहिए। यदि भोजन ग्रहण के दौरान बना हुआ है तो उसमें पहले तुलसी के पत्ते डालकर उसे शुद्ध करें। बच्चों-बुजुर्गों और रोगियों पर सूतक का प्रभाव मान्य नहीं होता है। इसलिए उन्हें समय पर भोजन खिला देना चाहिए।